1 फरवरी को पेश हो सकता है आम बजट: सूत्र

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पांच जुलाई को पेश किए गए आम बजट से एक दिन पहले चार जुलाई को हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2019 में कहा गया था, “भारत को 2030 तक 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आवश्यकता है। भारत को अपने सकल घरेलू उत्पाद का सात से आठ फीसदी सालाना बुनियादी ढांचे पर खर्च करने की जरूरत है, जो 2030 तक 10 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।”

Written by: December 14, 2019 8:15 am

नई दिल्ली। वर्ष 2020-21 के लिए केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया जा सकता है। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण 31 जनवरी को होने की संभावना है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पांच जुलाई को पेश किए गए आम बजट से एक दिन पहले चार जुलाई को हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2019 में कहा गया था, “भारत को 2030 तक 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आवश्यकता है। भारत को अपने सकल घरेलू उत्पाद का सात से आठ फीसदी सालाना बुनियादी ढांचे पर खर्च करने की जरूरत है, जो 2030 तक 10 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।”

Finance Minister Nirmala Sitharaman presents the Budget 2019

यह 2015-16 के बाद पहली बार होगा, जब बजट शनिवार को पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से शुक्रवार को पूछा गया कि क्या सरकार फरवरी के पहले दिन बजट पेश करने की परंपरा के साथ जाएगी, या इसमें कोई बदलाव हो सकता है, क्योंकि एक फरवरी को शनिवार है, जोकि एक गैर-कार्य दिवस है। इस पर जोशी ने कहा, “परंपरा जारी रहेगी।”

Budget

फरवरी की शुरुआत में बजट पेश करने के पीछे का कारण 31 मार्च तक बजटीय प्रक्रिया को पूरा करना होता है, ताकि 12 महीने के लिए खर्च की कवायद एक अप्रैल से ही शुरू हो सके।

PM Narendra Modi

पिछले कार्यकाल में मोदी सरकार ने फरवरी के अंत में बजट पेश करने की परंपरा को खत्म कर दिया। इसके अलावा रेलवे के लिए अलग बजट को पेश करने की परंपरा को भी खत्म कर दिया गया। बता दें कि पूर्व में आम बजट और रेल बजट अलग-अलग पेश होता था।