अलविदा 2019: मोदी सरकार की वापसी के साथ भाजपा ने अपने कुछ दिग्गज नेता खोये, ये रहे 5 बड़े घटनाक्रम

साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया।

Written by: December 30, 2019 2:25 pm

भारतीय राजनीति में इस साल कुछ घटनाएं ऐसी हुईं, जिनका जब भी जिक्र होगा तो 2019 की याद हमेशा आएगी। 2020 का स्वागत करने के साथ ही इन घटनाओं को भी याद करना जरूरी होगा। साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया। पार्टी को इससे बड़ा झटका लगा।Arun Jaiteley Sushma Swaraj Manohar Parrikar

इसके साथ ही कांग्रेस को भी इस साल दो बड़े झटके लगे एक तो आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम को जेल जाना पड़ा हालांकि अब वह जमानत पर बाहर हैं तो वहीं कांग्रेस के गढ़ मानेजाने वाले अमेठी से राहुल गांधी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

गोवा के सीएम और पूर्व रक्षामंत्री भारत सरकार मनोहर पर्रिकर का निधनmanohar parrikar

देश के पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर परिर्कर का निधन साल 2019 के मार्च महीने की 17 तारीख को हुआ। पर्रिकर लंबे समय से अंग्नाशय की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय थल सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के समय मनोहर पर्रिकर ही देश के रक्षा मंत्री थे।

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 6 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में दल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सुषमा 67 साल की थीं और लंबे अर्से से बीमार चल रही थीं। साल 2016 में सुषमा स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। बीमारी की वजह से ही उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव से खुद को अलग रखा था। साल 2014 में मोदी सरकार में उन्हें विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान उनके द्वारा किए गए काम की तारीफ उनके विरोधी भी करते हैं। सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं।

पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का निधन

देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त को हुआ। अरुण जेटली लंबे समय से बीमार थे। जिस समय अरुण जेटली का निधन हुआ, उस समय पीएम मोदी विदेश दौरे पर थे। सौम्य, सुशील, अपनी बात स्पष्टता के साथ कहने वाले और राजनीतिक तौर पर उत्कृष्ट रणनीतिकार रहे अरुण जेटली BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मुख्य संकटमोचक कहे जाते थे। अपने बहुआयामी व्यक्तित्व, अनुभव और कुशाग्रता के चलते मोदी सरकार के पहले कार्यकाल (2014 से 2019) में जेटली लगभग हर जगह छाए रहे।

राहुल गांधी को कांग्रेस के गढ़ अमेठी में मिली हारCongress Leader Rahul Gandhi

इस साल देश में आम चुनाव भी हुए। इन चुनावों में नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए विपक्षी दलों ने कई जगह गठबंधन भी किए। यूपी में जहां एक-दूसरे के धुर विरोधी सपा-बसपा एक साथ आ गए तो वहीं कर्नाटक जैसे बड़े राज्य में कांग्रेस और जेडी(एस) ने मिलकर चुनाव लड़ा, बावजूद इसके नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले से भी ज्यादा बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में वापसी की। इन चुनावों में सबसे बड़ा उलटफेर यूपी के अमेठी में हुआ, जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी के गढ़ में चुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 303 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 52 सीटें मिलीं।

आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस नेता और पी चिदंबरम हुए गिरफ्तार, मिली जमानतP Chidambaram

देश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से पी चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। चिदंबरम की गिरफ्तारी INX Media केस से जुड़े मामले में हुई। इस दौरान पी चिदंबरम को 100 से भी ज्यादा दिन तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। चिदंबरम दिसंबर महीने की शुरुआत में रिहा किए गए।