नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा से पास, पक्ष में 125 और खिलाफ में पड़े 105 वोट

इसपर फाइनल वोटिंग से पहले बिल में संशोधन को लेकर कांग्रेस और टीएमसी ने अपना 1-1 प्रस्ताव वापस ले लिया था। विपक्ष की तरफ से बिल में 14 संशोधन को लेकर प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें से एक भी पास ना हो सका।

Written by: December 11, 2019 9:05 pm

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है। इसका राज्यसभा से भी पास होना मोदी सरकार के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। बता दें कि इस बिल के पक्ष में राज्यसभा में 125 वोट मिले और इसके खिलाफ 105 वोट पड़े।

Amit shah

शिवसेना ने किया वॉकआउट

आपको बता दें कि इसपर फाइलन वोटिंग से पहले बिल में संशोधन को लेकर कांग्रेस और टीएमसी ने अपना 1-1 प्रस्ताव वापस ले लिया था। विपक्ष की तरफ से बिल में 14 संशोधन को लेकर प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें से एक भी पास ना हो सका। इस वोटिंग में शिवसेना ने सदन से वॉकआउट कर दिया था, भाग नहीं लिया था।

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पाकिस्तान और कांग्रेस के बयानों में समानता

कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि, “पाकिस्तान और कांग्रेस के नेताओं के बयानों में समानता लगती है। कांग्रेस के नेताओं के बयान और पाकिस्तान के नेताओं के बयान कई बार घुलमिल जाते हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कल जो बयान दिया और जो बयान आज सदन में कांग्रेस के नेताओं ने दिए वे एक समान हैं। पाकिस्तान का नाम लेने पर कांग्रेस गुस्सा क्यों हो जाती है।

‘मैं यहीं पैदा हुआ हूं और यहीं मरूंगा’

अमित शाह के इस बयान के बाद कांग्रेसी खेमें में बौखलाहट भी देखने को मिली और हंगामा किया गया। जिसपर अमित शाह ने कहा कि आखिर पाकिस्तान का नाम लेने के बाद कांग्रेस को बुरा क्यों लग जाता है। बिल को लेकर अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश के संविधान पर भरोसा रखती है और मैं भरोसा दिलाता हूं कि यह देश कभी मुस्लिम मुक्त नहीं होगा। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया की बात मत बताइए। मैं विदेश में नहीं यहीं पैदा हुआ हूं और मेरी सात पुश्तें यहीं पैदा हुई हैं। मैं यहीं पैदा हुआ हूं और यहीं मरूंगा।

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‘हम मुसलमानों को डरने के लिए नहीं कह रहे हैं’

कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल के सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि कपिल सिब्बल साहब कह रहे थे कि मुसलमान हमसे डरते हैं, हम तो नहीं कहते कि डरना चाहिए। डर होना ही नहीं चाहिए। देश के गृह मंत्री पर सबका भरोसा होना चाहिए। ये बिल भारत में रहने वाले किसी भी मुसलमान भाई-बहनों को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं है। ये नागरिकता देने का बिल है, नागरिकता लेने का बिल नहीं है। मैं सबसे कहना चाहता हूं कि भ्रामक प्रचार में मत आइए। इस बिल का भारत के मुसलमानों की नागरिकता से कोई संबंध नहीं है।