पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का पत्र जितेंद्र सिंह ने किया ट्वीट, वीर सावरकर को लेकर अब बैकफुट पर आई कांग्रेस

इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए वीर सावरकर की लिखित में प्रशंसा की थी। अब इंदिरा गांधी के इस पत्र के सामने आने के बाद कांग्रेस इस मामले पर भी बैकफुट पर आती नजर आ रही है।

Avatar Written by: October 17, 2019 8:43 pm

नई दिल्ली। वीर सावरकर को लेकर राजनीतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों इस मामले को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस नेता लगातार वीर सावरकर को भारत रत्न देने के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं वहीं भाजपा की तरफ से लगातार सावरकर को लेकर कांग्रेस के सभी सवालों का करारा जवाब दिया जा रहा है।Veer Savarkar

 

इस सब के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को एक ट्वीट किया। जिसके बाद इस मामले में राजनीतिक बवाल और बढ़ गया है। जितेंद्र सिंह ने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा लिखा गया पत्र पोस्ट किया। उन्होंने इसके साथ लिखा कि इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए वीर सावरकर की लिखित में प्रशंसा की थी। अब इंदिरा गांधी के इस पत्र के सामने आने के बाद कांग्रेस इस मामले पर भी बैकफुट पर आती नजर आ रही है।


कांग्रेस की प्रेसवार्ता में मनमोहन सिंह ने वीर सावरकर मामले पर किया ‘सेल्फ गोल’

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि इंदिरा गांधी वीर सावारकर जी का सम्मान करती थीं। उन्होंने तो सावरकर जी के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था। हम सावरकर के खिलाफ नहीं हैं। वे जीवन भर जिस हिंदुत्ववादी विचार का समर्थन करते रहे, हम उसके खिलाफ हैं।

इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने वाराणसी में एक रैली में कहा था कि अगर सावरकर नहीं होते तो हम 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को अंग्रेजों के नजरिए से देख रहे होते। वीर सावरकर ही वह व्यक्ति थे, जिन्होंने 1857 की क्रांति को पहले स्वतंत्रता संग्राम का नाम दिया था।Union Home Minister Amit Shah

दरअसल, भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने घोषणा पत्र में कहा था कि पार्टी सावरकर को भारत रत्न देने की मांग करेगी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सावरकर को गांधीजी की हत्या की साजिश रचने वाला बताया था।modi amit shah

सावरकर को भारत रत्न दिन जाने के भाजपा के वादे पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा था कि सावरकर के जीवन के दो पहलू थे। पहला- आजादी के आंदोलन में शामिल होना और दूसरा- माफी मांगकर (कालापानी से) वापस आने पर उनका नाम महात्मा गांधी की हत्या के साजिशकर्ताओं में दर्ज होना।

वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने तंज कसा कि मोदी सरकार भारत रत्न सावरकर को नहीं, बल्कि गोडसे को दे। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा था कि भारत रत्न दिए जाने में अगला नंबर गोडसे का ही है। सावरकर के बारे में सब जानते हैं। सबूतों के अभाव में वे गांधीजी की हत्या के मामले में रिहा हो गए थे। आज यह सरकार उन्हें भारत रत्न देने की मांग कर रही है।


कांग्रेस से शिवसेना में गईं प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बयानबाजी के बीच एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में प्रियंका ने एक लेटर जारी किया है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय का है। इस पत्र पर 20 मई, 1980 की तारीख है और बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्ताक्षर हैं। लेटर में वीर सावरकर की जमकर तारीफ की गई है।