शपथ के साथ ही उद्धव के सामने आईं चुनौतियां, कांग्रेस का ‘ड्रामा’ हुआ शुरु

ठाकरे परिवार से आने वाले महाराष्ट्र के पहले सीएम के तौर पर उद्धव ने शपथ ले ली है, लेकिन उनके लिए सरकार चलाने से ज्यादा बड़ी चुनौती त्रिपक्षीय गठबंधन को साधे रखना होगा। एनसीपी और कांग्रेस को साधना उनके लिए एक चुनौती होगा।

Written by: November 29, 2019 3:00 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र को आखिरकार नया मुख्यमंत्री मिल गया है और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राज्य के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई है। इस गठबंधन वाली सरकार के बारे में कहा जा रहा है कि, ये तीन पहियों वाली सरकार है और सभी पार्टियों की विचारधारा एक दूसरे से अलग है। फिलहाल तो शपथ ग्रहण को सिर्फ एक दिन बिता है, लेकिन कैबिनेट में मंत्री पद को लेकर अभी से खींचतान जारी हो गई है।

uddhav thackrey

ठाकरे परिवार से आने वाले महाराष्ट्र के पहले सीएम के तौर पर उद्धव ने शपथ ले ली है, लेकिन उनके लिए सरकार चलाने से ज्यादा बड़ी चुनौती त्रिपक्षीय गठबंधन को साधे रखना होगा। एनसीपी और कांग्रेस को साधना उनके लिए एक चुनौती होगा। इस बाद का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि कई दौर की मीटिंग के बाद भी मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर फैसला नहीं हो सका है।

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कांग्रेस के एक नेता ने गुरुवार को कहा, ‘सभी पार्टियों ने गृह, शहरी विकास, राजस्व, हाउसिंग ऐंड कोऑपरेशन मंत्रालयों पर दावा ठोका है। हमें उम्मीद है कि शरद पवार दखल देंगे। हमें लगता है कि समय पर सभी विवाद समाप्त हो जाएंगे और नई सरकार अच्छे से काम करना शुरू कर देगी।’ इससे पहले बुधवार को पूर्व चीफ मिनिस्टर पृथ्वीराज चव्हाण ने स्पीकर का पद लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने डेप्युटी सीएम और एक अतिरिक्त मंत्री पद की मांग रखी थी।

balasaheb tharot

पृथ्वीराज चव्हाण ने भी पुष्टि की थी कि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट से कहा था कि वह नई विधानसभा में स्पीकर का पद नहीं चाहते हैं। चव्हाण के करीबी सूत्रों का कहना था कि उनकी यह राय है कि सीएम रहे हुए शख्स को स्पीकर का पद नहीं संभालना चाहिए, प्रोटोकॉल मुख्यमंत्री से कम है। सूत्रों के मुताबिक चव्हाण ने इसलिए भी यह पद स्वीकार नहीं किया क्योंकि लंबे समय में यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के विपरीत होता।

ashok chauhan

यही नहीं अब तक पूर्व सीएम अशोक चव्हाण को किसी भी मंत्रालय की जिम्मेदारी न मिलने से भी कांग्रेस का एक धड़ा निराश है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘हम मानते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण को कैबिनेट में जगह दी जानी चाहिए थी। हालांकि भरोसा है कि ठाकरे कैबिनेट का जब विस्तार होगा तो इन नेताओं को भी मौका दिया जाएगा।’