चंद्रयान 2: भारतीय इंजीनियर ने ऐसे खोज निकाला लैंडर विक्रम का मलबा, नासा ने थपथपाई पीठ

चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त हादसे का शिकार हुए विक्रम लैंडर के मलबे को आखिर ढूंढ निकाला गया है। करीब तीन महीने बाद विक्रम लैंडर का मलबा चांद की सतह पर मिला है। इससे ढूंढने में सबसे बड़ी भूमिका चेन्नई के एक इंजीनियर ने निभाई है।

Written by: December 3, 2019 12:53 pm

नई दिल्ली। चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त हादसे का शिकार हुए विक्रम लैंडर के मलबे को आखिर ढूंढ निकाला गया है। करीब तीन महीने बाद विक्रम लैंडर का मलबा चांद की सतह पर मिला है। इससे ढूंढने में सबसे बड़ी भूमिका चेन्नई के एक इंजीनियर ने निभाई है।

Shanmuga Subramanian

पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर शनमुगा सुब्रमण्यम ने नासा की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए विक्रम लैंडर के मलबे को ढूंढ निकालने में अहम भूमिका निभाई। बता दें कि चंद्रमा की सतह से टकराने के बाद से विक्रम लैंडर का संपर्क इसरो से टूट गया था।

Vikram lander

अपनी इस खास उपलब्धि पर शनमुगा सुब्रमण्यम ने कहा कि मुझे चांद की सतह पर कुछ अलग सा दिखा, मुझे लगा कि ये विक्रम लैंडर का मलबा ही होगा। फिर आज नासा ने भी इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा, मैंने 4-5 दिन तक रोजाना 7-8 घंटे इसमें लगाए। सही जानकारी के साथ इसे कोई भी कर सकता था। इससे कई लोग प्रेरित होंगे।

छह सितंबर को चंद्रयान-2 से लॉन्चिंग के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्टलैंडिंग करने के प्रयास के दौरान लैंडर विक्रम का भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से संपर्क टूट गया था।