तिहाड़ जेल में ऐसे बीती पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की पहली रात

पी. चिदंबरम का 16 सितंबर को जन्मदिन भी है। इसे इत्तेफाक कहें या फिर बुरे वक्त का फेर कि चिदंबरम को अपना 74वां जन्मदिन तिहाड़ जेल की कोठरी में मनाना पड़ेगा।

Written by: September 6, 2019 9:25 am

नई दिल्ली। INX मीडिया केस में कांग्रेस के दिग्गज नेता और देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गुरुवार को दोहरा झटका लगा। पहला ये कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय के मसले में अग्रिम ज़मानत नहीं मिली, दूसरा झटका ये कि देर शाम तक राउज़ एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

बता दें कि अदालत के आदेशानुसार चिदंबरम 19 सितंबर तक तिहाड़ जेल में रहेंगे। तिहाड़ जेल में चिदंबरम ने अपनी पहली रात एक सामान्य कैदी की तरह बिताई। हालांकि कोर्ट से चिदंबरम ने कुछ विशेष सुविधाएं जरूर मांगी थी, जिसमें से कुछ मांगों को अदालत ने मान लिया था, लेकिन अधिकतर सुविधाएं एक सामान्य कैदी की तरह ही मिल रही हैं।

बता दें कि चिदंबरम को जेल नंबर सात में रखा गया है, पी. चिदंबरम को अलग सेल मिली है। चिदंबरम ने अपने लिए स्पेशल वेस्टर्न टॉयलेट की मांग की थी, जिसे राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मान ली थी। पूर्व वित्त मंत्री को जेल में चश्मा और दवाइयों को साथ लाने की अनुमति मिली है। बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री 24 घंटे सुरक्षा में हैं, सेल के आसपास सुरक्षा का इंतजाम है। सीसीटीवी से निगरानी भी रखी जा रही है।

चिदंबरम अपने घर में जिस तरीके से आलीशान जिंदगी बिताते थे उसके विपरीत जेल में नियमों के हिसाब से एक तकिया, कंबल में ही रात बिताई। इन सबके अलावा पूर्व वित्त मंत्री को जेल नियमों के अनुसार अखबार, टीवी की सुविधा भी मिल रही है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक रात में उन्होंने खाने में दाल-चावल खाया और सब्ज़ी रोटी छोड़ दी, वहीं नाश्ते में सुबह 7 बजे तिहाड़ में चाय के साथ पोहा, दलिया, ब्रेड दिया गया।

इससे पहले रूह कंपा देने वाला मंजर उनके सामने तब आया जेल के अदना से वार्डन ने उनसे कहा, ‘उल्टे हाथ का अंगूठा स्याही में रंगकर कागज पर लगाओ।’ कागज पर अंगूठा लगाने की प्रक्रिया के दौरान जेल की देहरी (ड्यूढ़ी) पर जेल और सीबीआई की टीम दोनों के अधिकारी मौजूद थे। यही वह वक्त था जब विचाराधीन हाईप्रोफाइल कैदी पी. चिदंबरम को सीबीआई की टीम जेल स्टाफ के हवाले करने संबंधी तमाम कानूनी और कागजाती खानापूर्ति कर रही थी।

कैदी के लेन-देन के वक्त ही जेल स्टाफ पी. चिदंबरम से उनके परिवार वालों के नाम, पते, उम्र, संपर्क इत्यादि का ब्योरा पूछकर जेल-रिकार्ड में दर्ज किया। जेल में उनसे मिलने कौन-कौन आयेगा? उन तमाम संबंधित नामों की तालिका या ब्योरा भी चिदंबरम को जेल में प्रवेश के वक्त ही देना पड़ा।

बता दें कि पी. चिदंबरम का 16 सितंबर को जन्मदिन भी है। इसे इत्तेफाक कहें या फिर बुरे वक्त का फेर कि चिदंबरम को अपना 74वां जन्मदिन तिहाड़ जेल की कोठरी में मनाना पड़ेगा।