जम्मू-कश्मीर बंटवारे को ‘गैर कानूनी’ बताने पर चीन को मिला भारत से करारा जवाब

जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने को लेकर चीन ने एक बयान जारी किया है। चीन ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों का गठन ‘गैर-कानूनी और निरर्थक’ है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, चीन इस मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ है।

Written by: October 31, 2019 7:08 pm

नई दिल्ली। यूरोपीय सांसदों ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया था और साथ ही वहां के हालात के बारे में जाना। अपने दौरे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूरोपीय सांसदों ने बताया कि, जम्मू कश्मीर के लोग रोजगार और विकास चाहते हैं और भारत एक शांतिप्रिय देश है। हालांकि, यूरोपीय सांसदों के दौरे पर कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सवाल खड़े किए थे। अब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने इसके बारे में बयान जारी किया है।

European MP Visit TO jammu Kashmir

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि ‘ये एमईए (विदेश मंत्रालय) का अधिकार है कि सिविल सोसायटी के लोगों को वो आमंत्रित करे। कई बार लोग अपने निजी यात्रा पर आते हैं। कई बार राष्ट्रीय हित में हम उनको आधिकारिक तौर पर एंगेज करते हैं, भले ही वे प्राइवेट विजिट पर क्यों न हों।’

ravish kumar spokesperson

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘MEP (यूरोपीय सांसद) ने भारत को जानने समझने की इच्छा जताई थी। जब उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से संपर्क किया, उनमें विभिन्न विचारधारा के लोग थे। उन्हें कश्मीर जाने में सपोर्ट किया गया था।’

shi jinping

उधर, चीन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के दो संघ शासित प्रदेशों में बंटवारे को  “गैरकानूनी और निरर्थक” बताया और इस पर आपत्ति जताई। चीन ने कहा कि भारत की ओर से चीन के कुछ हिस्से को अपने प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में ‘शामिल’ करना बीजिंग की संप्रभुता को ‘चुनौती’ है। इस पर भारत ने जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं जिसके बारे में किसी दूसरे देश को टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

चीन को स्पष्ट जवाब

PM Modi Shi Jinping

जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने को लेकर चीन ने एक बयान जारी किया है। चीन ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों का गठन ‘गैर-कानूनी और निरर्थक’ है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, चीन इस मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ है। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। हम चीन सहित अन्य देशों से भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी की उम्मीद नहीं करते, ठीक वैसे ही जैसे भारत भी अन्य देशों के मामलों में टिप्पणी करने से बचता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्सा हैं।