राज्यसभा में ‘अल्पमत’ के बावजूद सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल का ‘बहुमत’ से पास होना तय, जानिए समीकरण

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल या नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्यसभा में भारी बहुमत से पास होना तय है। सरकार ने इसलिए पूरी तैयारी कर रखी है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैरमुस्लिम शरणार्थियों के लिए भारत में नागरिकता का रास्ता साफ करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक पर अब राज्यसभा में सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

Written by: December 10, 2019 12:11 pm

नई दिल्ली। सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल या नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्यसभा में भारी बहुमत से पास होना तय है। सरकार ने इसलिए पूरी तैयारी कर रखी है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैरमुस्लिम शरणार्थियों के लिए भारत में नागरिकता का रास्ता साफ करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक पर अब राज्यसभा में सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। यह बिल राज्यसभा में आज ही पेश किया जाएगा।

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लोकसभा में बहुमत होने के कारण सरकार 80 के मुकाबले 311 वोटों से बिल को पास करवाने में कामयाब रही, पर सरकार राज्यसभा में अल्पमत में है। पर रणनीति और गणित दोनों ही नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में है।


बीजेपी के राज्यसभा में 83 सांसद हैं। जबकि जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू के 6 सांसद हैं। नीतीश कुमार की पार्टी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। साथ ही एनडीए में शिरोमणी अकाली दल के तीन, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के एक जबकि अन्य दलों के 13 सदस्य हैं। इस तरह एनडीए गठबंधन के अपने 106 राज्यसभा सांसद हैं।

PM Narendra Modi with Nitish Kumar

उधर यूपीए में कांग्रेस के सबसे ज्यादा 46 सांसद हैं। जबकि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और शरद पवार की नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के चार-चार सांसद हैं। इनके अलावा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अपने पांच सांसद है जबकि अन्य यूपीए सहयोगियों के तीन सांसद हैं। इस तरह से, यूपीए के कुल 62 राज्यसभा सांसद हैं। तृणमूल कांग्रेस के 13 सांसद हैं। समाजवादी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, सीपीएम, बीएसपी, आम आदमी पार्टी, पीडीपी, जनता दल सेकुलर और सीपीआई को मिलाकर कुल 44 सांसद हैं जो बिल के खिलाफ मतदान करेंगे।

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यहां सबसे महत्वपूर्ण तमिलनाडु की पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के 11, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) के सात, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के दो और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के दो सांसद हैं। इन्हें लेकर एनडीए खासा मजबूत हो जाता है।

इसके साथ ही इनके अलावा, हाल में बीजेपी से नाता तोड़ एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने उद्धव ठाकरे की शिवसेना के तीन सांसद हैं जो नागरिकता विधेयक के पक्ष में वोटिंग करेंगे। खास बात यह है कि कुल 12 नॉमिनेटेड सदस्यों में से आठ ने बीजपी जॉइन कर ली है जबकि चार सदस्य अब भी नॉमिनेटड कैटिगरी में ही हैं। इस कैटिगरी से तीन सदस्य एनडीए के पक्ष में जबकि बाकी एक सांसद यूपीए के पक्ष में वोटिंग करेंगे।

pm modi uddhav thackrey

इस तरह आंकड़ा 137 तक पहुंच जाता है। राज्यसभा की मौजूदा स्ट्रेंथ 240 सांसदों का ही है इसलिए इस सदन में बहुमत का आंकड़ा 121 का होता है, इसे सरकार बड़ी आसानी से पा जाएगी।