चीफ जस्टिस ने CBI को लिया निशाने पर, कहा- राजनीतिक मामलों में खरी नहीं उतरती आपकी जांच

सीबीआई को लेकर सीजेआई रंजन गोगोई ने ये भी कहा कि जब मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है लेकिन जब मामला राजनीतिक हो तो जांच के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाती।

Written by Newsroom Staff August 13, 2019 8:48 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सीबीआई पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मामला राजनीति से जुड़ा हो तो उनकी पड़ताल न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाती। डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर के 18वें संस्करण में सीजेआई ने मंगलवार कहा कि सीबीआई की अपनी एक खास जगह है।

Chief Justice of India Ranjan Gogoi

सीबीआई को लेकर सीजेआई रंजन गोगोई ने ये भी कहा कि जब मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है लेकिन जब मामला राजनीतिक हो तो जांच के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाती। सीबीआई के लिए खास जगह की बात करते हुए चीफ जस्टिस ने ज्यादा ध्यान सीबीआई की खामियों पर दिया।

CBI

चीफ जस्टिस ने सीबीआई में असमानता को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक्जीक्यूटिव में 15 फीसदी पद खाली हैं। जबकि सीबीआई की टेक्निकल यूनिट में भी 28 प्रतिशत पदों पर भर्तियां नहीं हुई। एजेंसी के लीगल डिपार्टमेंट में भी 50 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हुए हैं। इससे काम का भार बढ़ता जा रहा है। सीजेआई ने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के कारण जांच प्रभावित होती है। सीबीआई में पर्याप्त निवेश नहीं हो पा रहा है, जिससे जांच पर असर पड़ता है। सीजेआई ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा क्यों होता है कि जब कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है।

सुप्रीम कोर्ट ने विनीत नारायण मामले में सीबीआई डायरेक्टर के पद के लिए गाइडलाइंस जारी की थी। इन सभी कारणों से सीबीआई की स्वायत्तता पर बुरा असर पड़ रहा है। गोगोई ने आगे कहा, सीबीआई की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए न्यायपालिका लगातार कोशिश कर रही है। सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से बचाने के लिए अदालतों ने कई गाइडलाइंस जारी की हैं। उन्होंने कहा कि CBI को सीएजी की तरह सांविधिक अधिनियम के जरिए स्वायत्तता मिलनी चाहिए।