रक्षा समिति में प्रज्ञा की नियुक्ति पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के लिए नामित किए जाने पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोलते हुए गुरुवार को कहा कि यह विडंबना है कि इस तरह के सदस्य को उन्होंने जगह दी, जबकि उनके पास कई साफ छवि वाले नेता हैं। कांग्रेस सचिव प्रणव झा ने आईएएनएस से कहा, “यह विडंबना है कि ऐसे इंसान को सरकार ने रक्षा समिति में जगह दी है।”

Written by: November 21, 2019 12:33 pm

नई दिल्ली। भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के लिए नामित किए जाने पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोलते हुए गुरुवार को कहा कि यह विडंबना है कि इस तरह के सदस्य को उन्होंने जगह दी, जबकि उनके पास कई साफ छवि वाले नेता हैं। कांग्रेस सचिव प्रणव झा ने आईएएनएस से कहा, “यह विडंबना है कि ऐसे इंसान को सरकार ने रक्षा समिति में जगह दी है।”

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झा ने कहा कि ऐसे लोगों को कोई भी पार्टी जगह नहीं देती है, लेकिन भाजपा ने दी है। कांग्रेस नेता ने कहा, “ऐसे लोगों को सामने लाना, जिनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। संविधान सभी चीजों का मार्गदर्शन नहीं कर सकता है, ऐसे में कुछ फैसले नैतिकता के आधार पर भी लिए जाते हैं।”

झा ने आगे कहा, “भाजपा ने 303 सीट जीती है, उनके पास कई विकल्प थे, जिनकी छवि साफ है, जिन पर कोई मुकदमा नहीं चल रहा है। उन्हें रक्षा समिति में लिया जाना चाहिए था।”

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उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा 21 अक्टूबर को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की 21 सदस्यीय संसदीय सलाहकार समिति का नेतृत्व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इस समिति में साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह को हराने वाली प्रज्ञा ठाकुर भी शामिल हैं।

समिति में विपक्षी नेता फारूक अब्दुल्ला, टीएमसी के सौगत रॉय, डीएमके के ए. राजा और राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार भी हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान ठाकुर ने अपने आपत्तिजनक बयानों से कई बार विवाद खड़ा किया था।

इस दौरान सबसे बड़ा विवाद तब हुआ था, जब प्रज्ञा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। हालांकि प्रज्ञा के इस बयान के बाद भाजपा ने उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था।