आज CWC की मीटिंग, राहुल गांधी दे सकते हैं इस्तीफा

कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी की करारी हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी, जहां पार्टी ने 5 महीने पहले ही सरकार बनाई है।

Written by: May 25, 2019 8:54 am

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा से करारी शिकस्त पाने के बाद 25 मई को कांग्रेस वर्किंग कमेटी अपनी हार की समीक्षा करेगी। इस मीटिंग में हार के कारणों पर मंथन होगा। यही नहीं कांग्रेस की इस बड़ी हार के बाद राहुल गांधी पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसको देखते हुए राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

Narendra Modi & Amit Shah

कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक

लोकसभा चुनावों में जिस तरह के नतीजे आएं हैं वो कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक है। इसीलिए कहा जा रहा है कि राहुल गांधी आज होने वाली बैठक में हार की जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पिछले चुनाव की 2019 के चुनाव से तुलना करने पर पता चलता है कि कांग्रेस की सिर्फ 8 सीटें ही बढ़ पाईं हैं। जोकि बेहद निराशाजनक प्रदर्शन है।

2014 से 2019 तक बढ़ीं सिर्फ 8 सीटें

2014 के मुकाबले इस चुनाव में कांग्रेस की सिर्फ 8 सीटें बढ़ीं हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 44 सीट जीती थीं। जबकि इस बार पार्टी को महज 52 सीट मिली हैं, जिससे उसे लोकसभा में विपक्ष का भी दर्जा नहीं मिलेगा। इसके लिए भी 54 का आंकड़ा चाहिए, राहुल गांधी भले ही वायनाड से बंपर वोटों से जीत गए हों। लेकिन कांग्रेस के गढ़ अमेठी पर अब भगवा लहरा रहा है। स्मृति ईरानी ने राहुल को 55 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी।

Rahul Gandhi

राहुल गांधी का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा

हालांकि आज होने वाली CWC की बैठक में कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है लेकिन सूत्रों की मानें तो ये पहले से तय है कि राहुल गांधी का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा, वो कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी की करारी हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी, जहां पार्टी ने 5 महीने पहले ही सरकार बनाई है।

Rahul Gandhi

8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में खाता तक नहीं खुला

कांग्रेस के लिए झटका देने की बात यह भी है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ रही कांग्रेस का 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में खाता तक नहीं खुला। पार्टी लक्षद्वीप, दमन एवं दीव, चंडीगढ़, राजस्थान, दादर एवं नगर हवेली, सिक्किम, मिजोरम, दिल्ली, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मणिपुर और नगालैंड में एक सीट भी नहीं जीत पाई।