2002 के गोधरा कांड में एसआईटी कोर्ट का फैसला, आरोपी याकूब पटालिया को सुनाई उम्रकैद की सजा

दोषी याकूब पटालिया इस अग्निकांड के दौरान भीड़ में शामिल थे। याकूब पर आरोप है कि गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में उसने आग लगाई थी।

Avatar Written by: March 20, 2019 4:20 pm

नई दिल्ली। अहमदाबाद की एक विशेष एसआईटी कोर्ट ने 2002 के गोधरा कांड में फैसला सुनाते हुए याकूब पटालिया को 64 साल की उम्र में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साल 2002 में हुए ट्रेन आगजनी के मामले में पुलिस की एक टीम ने याकूब पटालिया को गिरफ्तार किया था।

बताया जा रहा है कि दोषी याकूब पटालिया इस अग्निकांड के दौरान भीड़ में शामिल थे। याकूब पर आरोप है कि गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में उसने आग लगाई थी। वहीं इस हादसे में 59 लोग मारे गए थे। फिर पूरे गुजरात में दंगे हुए थे। पिछले साल जनवरी में गुजरात पुलिस ने घटना के 16 साल बाद याकूब को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी। पुलिस ने 64 वर्षीय याकूब को मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंप दिया था।

याकूब के खिलाफ सितंबर 2002 में एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसपर हत्या की कोशिश सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा चलाया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी वह गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहा था। इस मामले में याकूब के भाई कादिर पटालिया को 2015 में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान कादिर की जेल में ही मौत हो गई थी।

अक्टूबर, 2017 में गुजरात हाईकोर्ट ने गोधरा कांड में 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला था, जबकि अन्य 20 मुजरिमों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। इससे पहले निचली अदालत ने 31 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 63 को बरी कर दिया था।

 

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