दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का कोर्टरूम हुआ पेपरलेस

पर्यावरण को बचाने के लिए कागज के कम इस्तेमाल की चर्चा जोरों-शोरों से दुनियाभर में चल रही है। इसी के तहत दिल्ली हाई कोर्ट को पेपरलेस बनाने की मुहिम नए चीफ जस्टिस की पहल के बाद और मजबूत हो गई है।

Written by: July 7, 2019 2:49 pm

नई दिल्ली। पर्यावरण को बचाने के लिए कागज के कम इस्तेमाल की चर्चा जोरों-शोरों से दुनियाभर में चल रही है। इसी के तहत दिल्ली हाई कोर्ट को पेपरलेस बनाने की मुहिम नए चीफ जस्टिस की पहल के बाद और मजबूत हो गई है। पहली बार दिल्ली हाई कोर्ट का कोर्ट नंबर 1 ‘ई कोर्ट’ बन गया है। ऐसा चीफ जस्टिस डी एन पटेल की बेंच का पेपरलेस होने के बाद हुआ।

बता दें कि अब तक हाईकोर्ट के कर्मिशयल कोर्ट और कुछ सिंगल बेंच के कोर्ट आंशिक या पूर्ण रूप से पेपरलेस थे। मतलब इससे पहले तक चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच पेपरलेस नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने चार्ज संभालने के बाद से चीफ जस्टिस पटेल का इस पर जोर था और आखिरकार यह सफल हुआ।

कोर्ट नंबर 1 का पेपरलेस होना एक बड़ा चैलेंज भी रहा, क्योंकि इसमें हर तरह के केस सुनवाई के लिए आते हैं, यानी यहां काम का बोझ ज्यादा रहता है। इस बारे में एक सूत्र ने बताया, ‘इस कोर्ट में जनहित याचिकाएं, नए कानूनों और नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं, पत्र पेटेंट अपील (एलपीए), टैक्स केस और कर्मशल अपील सभी तरह के मामले आते हैं।

अब जब दिल्ली हाई कोर्ट की मुख्य बेंच पेपरलेस हो गई है तो बाकी बेंच और कोर्ट को भी इस पर विचार करना होगा। बता दें कि पिछले कुछ वक्त से केंद्र सरकार भी केसों की फास्ट ट्रैक सुनवाई के साथ-साथ डिजिटल होने पर जोर दे रही है।