दुश्मनों की अब खैर नहीं, भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ ‘साइलेंट किलर’ खंडेरी

बता दें कि आईएनएस खंडेरी को भारत में ही तैयार किया गया है और यह कलवरी सीरीज की दूसरी स्कॉर्पिन सबमरीन है। इसमें एक हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी मशीनें लगी हैं। ये दुश्मन के जहाज को 300 किमी को दूर से ढेर करने की ताकत रखती है।

Written by: September 28, 2019 9:41 am

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में आज पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है। पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी के बेड़े में शामिल होने से नौसेना को साइलेंट किलर की ताकत मिली है। पनडुब्बी के फ्लैगपोस्ट पर भारत का राष्ट्रीय झंडा फहराकर उसे नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने इस दौरान भारत का पहला पी-17 शिवालिक-क्लास युद्धक पोत नीलगिरी और विमान कैरियर ड्राईडॉक को भी भारतीय नौसेना में शामिल किया।

INS Khanderi

बता दें कि आईएनएस खंडेरी को भारत में ही तैयार किया गया है और यह कलवरी सीरीज की दूसरी स्कॉर्पिन सबमरीन है। इसमें एक हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी मशीनें लगी हैं। ये दुश्मन के जहाज को 300 किमी को दूर से ढेर करने की ताकत रखती है। भारत में बनी यह पनडुब्बी 35 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इसके अलावा यह 45 दिनों तक पानी में रह सकती है।

Rajnath Singh

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हम जो प्रगतिशील कदम उठा रहे हैं, उसे वैश्विक समर्थन मिल रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने घर-घर जाकर कार्टून बनाने वालों के लिए सामग्री तैयार की है।

Rajnath Singh

मुंबई नवल डॉकयार्ड पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा, ‘पाकिस्तान को समझना चाहिए कि आज हमारी सरकार के दृढ़ संकल्प और की बढ़ती क्षमता जैसे आईएनएस खंडेरी को शामिल किए जाने के बाद हम उसे और तगड़ा जवाब देने के काबिल हैं।’ राजनाथ सिंह ने इस मौके पर खुशी जताते हुए कहा, ‘आईएनएस खंडेरी की कमिशनिंग के मौके पर मैं मौजूद हूं, इसकी मुझे खुशी है।’

रेडार, सोनार, इंजन समेत इसमें छोटे बड़े 1000 से अधिक उपकरण लगे हुए हैं। इसके बावजूद बगैर आवाज किए यह पानी में चलने वाली विश्व की सबसे शांत पनडुब्बियों में से एक है। इस वजह से रेडार आसानी से इसका पता नहीं लगा सकते हैं। इसीलिए इसे ‘साइलंट किलर’ भी कहते हैं।

INS Khanderi

खंडेरी का नाम महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के खंडेरी दुर्ग के नाम पर रखा गया है। इस दुर्ग या किले की खासियत यह थी कि यह एक जल दुर्ग था मतलब चारों और पानी से घिरा हुआ इसलिए दुश्‍मन के लिए अभेद्य था।