हाई कोर्ट पहुंचा सिख ऑटो ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला, अदालत ने लगाई फटकार

देश की राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर में सिख ऑटो ड्राइवर सरबजीत और उसके बेटे की पिटाई के मामले को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही पूछा है कि आखिर ऑटो ड्राइवर और उसके 15 साल के बेटे को सड़क पर दिनदहाड़े क्यों बेरहमी से पीटा गया? कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को एक हफ्ते में अपनी इंक्वायरी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

Written by Newsroom Staff June 19, 2019 8:26 pm

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर में सिख ऑटो ड्राइवर सरबजीत और उसके बेटे की पिटाई के मामले को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही पूछा है कि आखिर ऑटो ड्राइवर और उसके 15 साल के बेटे को सड़क पर दिनदहाड़े क्यों बेरहमी से पीटा गया? कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को एक हफ्ते में अपनी इंक्वायरी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से भी जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इस बात के लिए भी कड़ी फटकार लगाई कि आखिर अब तक सिर्फ तीन ही पुलिस वालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई क्यों की गई, जबकि इस वीडियो में आधा दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी मारपीट में शामिल रहे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा, ‘आप कैसे उन पांच पुलिस वालों के एक्शन को जस्टिफाई कर सकते है, जो अपने पिता को बचा रहे एक नाबालिग बेटे को पीट रहे हैं? क्या आपने उन पुलिस वालों की पहचान की है, जिन्होंने नाबालिग लड़के पर हमला किया। उस लड़के को सड़क पर क्यों घसीटा गया और उस पर लाठियां क्यों बरसाई गईं?’

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस को किसी को सरेआम पीटने और सड़क पर घसीटने की इजाजत कैसे दी जा सकती है? कोर्ट ने सुनवाई के दौरान वह वीडियो भी चलाकर देखा, जिसमें पुलिसकर्मी ऑटो ड्राइवर सरबजीत और उसके 15 साल के बेटे की पिटाई बेरहमी से कर रहे हैं।

वीडियो देखने के बाद याचिकाकर्ता से कोर्ट ने पूछा कि इस वीडियो का सोर्स क्या है, जिस पर वकील ने बताया कि मारपीट के दौरान यह वीडियो आम जनता ने अपने मोबाइल से बनाया। याचिकाकर्ता के वकील ने सुनवाई शुरू होते ही कहा कि पुलिस ने पावर का गलत इस्तेमाल किया।

कोर्ट ने वीडियो देखने के बाद दिल्ली पुलिस के वकील को भी फटकारा। कोर्ट ने कहा कि 15 साल के बच्चे को भी सड़क पर पीटा गया, जबकि इस मामले में उसकी कोई गलती ही नहीं थी। कोर्ट ने कहा, ‘हमें इस पर तुरंत करवाई चाहिए।

delhi highcourt

कोर्ट ने कहा कि हम बस ये चाहते है कि नागरिकों को ये लगना चाहिए कि पुलिस फोर्स उनके साथ है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।

पुलिस ने कहा, क्राइम ब्रांच को दी जांच
पुलिस ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। ज्वाइंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी से भी जांच कराई जा रही है।