10 घंटे बाद दिल्ली पुलिस का प्रदर्शन खत्म, अधिकारियों ने कहा- मान ली गई सारी मांगें

करीब 10 घंटे तक चला प्रदर्शन अब समाप्त हो चुका है और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि, पुलिस वालों की सारी मांगें अब मान ली गई हैं।

Avatar Written by: November 5, 2019 8:21 pm

नई दिल्ली। 2 नवंबर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुए हंगामे के बाद जहां वकीलों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था, तो वहीं मंगलवार 5 नवंबर को सुबह से ही दिल्ली स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों ने वकीलों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। करीब 10 घंटे तक चला प्रदर्शन अब समाप्त हो चुका है और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि, पुलिस वालों की सारी मांगें अब मान ली गई हैं।

delhi police protest

इसके साथ ही दिल्ली के ITO के पास रोका गया ट्रैफिक को 9 घंटों के बाद बहाल भी कर दिया गया है। फिलहाल पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय से हटकर अब इंडिया गेट पहुंचने लगे हैं और वहां धरना करने के तैयारी बताई जा रही है।

क्या थी पुलिस वालों की मांग

police protest

पुलिस वालों ने अपनी मांगों में कई बिंदुओं को शामिल किया था। विस्तृत से जानिए पुलिस वालों की मांग क्या थी…

1. पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन बनाने की मांग

2. इस घटना के बाद जिन पुलिस वालों को निलंबित किया गया है उनका निलंबन वापस हो।

3. अगर पुलिस वालों पर हमला किया जाता है, तो फिर तुरंत कार्रवाई हो।

4. इसके साथ ही इस घटना में शामिल सभी दोषी वकीलों के खिलाफ केस दर्ज हो।

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पुलिस कमिश्नर ने किया था प्रदर्शन खत्म करने का आग्रह

दिल्ली पुलिस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने पुलिसकर्मियों से अपील की थी कि वो अपना प्रदर्शन खत्म कर ड्यूटी पर लौटे। लेकिन इस दौरान जहां पुलिस वाले अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे तो इसके साथ ही, पुलिस वालों ने पुलिस कमिश्नर के सामने नारे भी लगाए कि, ‘हमारा CP कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो’।

Delhi CP Amulya Patlaik

पुलिस कमिश्नर के सामने किरण बेदी के समर्थन में नारे लगाए जाने के बारे में कहा जा रहा कि, किरण बेदी की छवी अपने विभाग के प्रति काफी ज्यादा अच्छी थी। जानकारी के लिए बता दें, किरण बेदी फिलहाल पुडुचेरी की राज्यपाल हैं और इससे पहले किरण बेदी ने 35 सालों तक पुलिस में काम किया है। किरण बेदी की छवी एक सख्त पुलिस अधिकारी की रही है और उनके काम को पुलिसकर्मी काफी ज्यादा पसंद करते थे।

kiran bedi

इसके साथ ही साल 1982 में तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय की गाड़ी सब इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने उठवा लिया था, क्योंकि वो गलत जगह पार्क की गई थी। इस वाक्ये के बाद किरण बेदी ने अपने जूनियर अफसर का समर्थन किया था। इसी बात को याद कर आज पुलिस वाले पुलिस कमिश्नर के सामने किरण बेदी का नाम लेकर नारे लगा रहे थे।