ईमानदारी की कसौटी पर खरे उतरे खट्टर और फडणवीस, विरोध के बावजूद मोदी ने किया रिपीट

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की छवि एक बेहद ही साफ-सुथरे प्रशासक की रही है। हालांकि वे इस बार पूर्ण बहुमत से दूर रह गए। उनकी अगुवाई में बीजेपी को सिर्फ 40 सीटें मिली।

Written by: October 27, 2019 11:58 am

नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री मोदी के मानक पर एकदम खरे उतरे। पीएम ने राजनीतिक ईमानदारी का जो मानक तय किया, खट्टर और फडणवीस ने पूरे 5 साल निभाया। यही वजह है कि तमाम विपरीत हालातों के बावजूद पीएम मोदी ने उन पर दोबारा भरोसा किया।

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की छवि एक बेहद ही साफ-सुथरे प्रशासक की रही है। हालांकि वे इस बार पूर्ण बहुमत से दूर रह गए। उनकी अगुवाई में बीजेपी को सिर्फ 40 सीटें मिली। मगर पीएम ने उनकी व्यक्तिगत छवि, ईमानदारी और निष्ठा पर पूरा भरोसा किया। खट्टर को गैर जाट सीएम होने के चलते भी विरोध का सामना करना पड़ा। मगर प्रधानमंत्री ने सब को दरकिनार करते हुए उन पर दोबारा भरोसा जताया और उनकी जमकर तारीफ भी की।

इसी तरह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। महाराष्ट्र में मराठा मुख्यमंत्रियों का बाहुल्य रहा है। मगर देवेंद्र फडणवीस की ईमानदारी और निष्ठा इन तमाम जातीय समीकरणों पर भारी पड़ी। इस बार शिवसेना 50-50 के फार्मूले पर अड़ी है। वह फडणवीस का विरोध भी कर रही है। मगर पीएम ने देवेंद्र फडणवीस की भी जमकर तारीफ की और अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।

Devendra Fadanvis & Manohar Lal Khattar

दरअसल बीजेपी में इस तरह के नेताओं की एक नई खेप तैयार की जा रही है। यह वे नेता हैं जिनके ऊपर किसी भी तरह का कोई दाग नहीं है। इनकी व्यक्तिगत छवि दूसरे नेताओं के लिए भी मानक बनकर उभरी है।