सोनिया के दरबार पहुंची दिग्विजय-सिंधिया की जंग, दांव पर सरकार!

दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्यप्रदेश के वन मंत्री के बीच उठे विवाद को अनुशासन समिति के हवाले कर दिया है। मगर यह समिति भी पसोपेश में है।

Written by: September 8, 2019 6:18 pm

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर छिड़ा घमासान अब दस जनपथ यानि सोनिया गांधी के दरबार में पहुंच चुका है। सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्यप्रदेश के वन मंत्री के बीच उठे विवाद को अनुशासन समिति के हवाले कर दिया है। मगर यह समिति भी पसोपेश में है। उसका कोई भी फैसला सरकार के स्थायित्व पर भारी पड़ सकता है।

इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे। दरअसल कमलनाथ सरकार के वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर रेत और शराब के ठेकों में दलाली का संगीन आरोप जड़ दिया और ब्लैक मेलिंग के भी आरोप लगाए।

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बात उस वक्त और बढ़ गई जब उमंग सिंघार के इन आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाथ रख दिया। सिंधिया ने साफ कहा कि आरोप गंभीर हैं। इनकी जांच होनी चाहिए। इसके बाद ही यह मामला सोनिया गांधी के दरबार तक पहुंच गया। इस मामले में मध्य प्रदेश के प्रभारी दीपक बाबरिया सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंप चुके हैं।

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अब मामला वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एके एंटनी की अगुवाई वाली केंद्रीय अनुशासन समिति के हाथ में है। मगर समिति कोई भी फैसला लेने से पहले मध्य प्रदेश की सियासी स्थिति को लेकर बेहद पसोपेश में है। यहां कांग्रेस का बेहद ही साधारण बहुमत है और वह भी समर्थन के जुगाड़ से। ऐसे में अनुशासन समिति का कोई भी फैसला सरकार की स्थिरता पर भारी पड़ सकता है।