महिलाओं को मेट्रो में मुफ़्त सेवा देना चुनावी नौटंकी है : ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन

केजरीवाल के इस प्रस्ताव पर पूर्व मेट्रो प्रमुख और मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने कहा है कि दिल्ली सरकार का महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त सेवा देना चुनावी हथकंडा है।

Written by: June 22, 2019 10:12 am

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने महिलाओं को दिल्ली मेट्रो और बसों में मुफ्त सफर देने का वादा किया है। इसको लेकर उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया है कि इस बारे में प्रस्ताव बनाएं और बताएं कि इसे कैसे लागू किया जा सकता है। केजरीवाल के इस प्रस्ताव पर पूर्व मेट्रो प्रमुख और मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई श्रीधरन ने कहा है कि दिल्ली सरकार का महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त सेवा देना चुनावी हथकंडा है।

बता दें कि अगले साल की शुरुआत में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होना है, इससे पहले केजरीवाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं को मेट्रों और बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने जा रही है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से प्रस्ताव देने को कहा था।

डीएमआरसी का सिस्टम बर्बाद हो सकता है

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को चिट्ठी लिखकर श्रीधरन ने कहा कि ‘मुफ्त यात्रा से डीएमआरसी का सिस्टम बर्बाद हो सकता है।’ उन्होंने अपील करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार से चुनावी फायदे के लिए दिल्ली मेट्रो जैसे सक्षम और कामयाब पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बर्बाद नहीं करें। दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख और मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने कहा है कि जब तक मेट्रो 35000 करोड़ का कर्ज नहीं चुका देती, तब तक किसी भी वर्ग विशेष को मुफ्त यात्रा देने पर उन्हें आपत्ति है।

डीएमआरसी को घाटा झेलना पड़ेगा

अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि महिलाओं को मुफ्त यात्रा से मेट्रो को होने वाले नुकसान की भरपाई आम आदमी पार्टी की सरकार तो कर देगी, लेकिन भविष्य में आने वाली सरकारें शायद ऐसा नहीं कर पाएं। इससे डीएमआरसी को घाटा झेलना पड़ेगा। जिसका असर देश में चल रही अन्य मेट्रो सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

समाज के दूसरे वर्गों का क्या होगा

ई श्रीधरन ने कहा कि, वह योजना का विरोध नहीं कर रहे। वह केवल मुफ्त यात्रा की संकल्पना पर आपत्ति जता रहे हैं। उनका मानना है कि अगर महिलाओं को मुफ्त यात्रा दी गई, तो समाज के दूसरे वर्गों का क्या होगा, जिनमें छात्र, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं और वे मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं से ज्यादा हकदार हैं।

पीएम मोदी को भी लिखी थी चिट्ठी

ई श्रीधरन ने 10 जून को पीएम मोदी को भी चिट्ठी लिखी थी और कहा था कि ‘दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सहमत न हों। जब मेट्रो शुरू हुई थी तब यह निर्णय लिया गया था कि किसी को भी यात्रा के लिए मेट्रो में रियायत नहीं दी जाएगी। इस फैसले का स्वागत खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और उन्होंने खुद टिकट लेकर दिसंबर 2002 में शाहदरा से कश्मीरी गेट तक पहली यात्रा की थी। दिल्ली मेट्रो केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार का जॉइंट वेंचर है। कोई एक हिस्सेदार समाज के किसी एक हिस्से को रियायत देने का एकतरफा निर्णय नहीं ले सकता है।’