‘राम मंदिर’ निर्माण को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय की Exclusive बातचीत में क्या है खास

इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

Avatar Written by: November 9, 2019 3:26 pm

‘राम मंदिर’ निर्माण को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने क्या-क्या कहा इसे Exclusive सुनिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय। राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई खत्म हो गई और अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में इस मामले में तब से अब तक क्या-क्या हुआ यह चंपत राय से बेहतर कोई भी नहीं जानता है।

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ऐसे में ‘विश्व हिंदू परिषद’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और अदालत में हुई कार्यवाही को लेकर क्या कहा अगर आपको यह सबकुछ सुनना है तो NewsRoomPost की उस Exclusive सीरीज में देखिए। चंपत राय ने इस मामले पर जो भी कहा उसे हम आपतक पहुंचा रहे हैं। इस पूरे मुद्दे पर चंपत राय की बात एक-एक कर हम जारी कर रहे हैं। आप चंपत राय का पूरा Exclusive बातचीत देख पाएंगे सिर्फ NewsRoomPost पर। हम आपको बता देते हैं कि उन्होंने अपने इस 2 घंटे के लंबे संबोधन में जो कुछ कहा है उसका निचोड़ क्या है। बाकि की बातें आप NewsRoomPost की उस Exclusive सीरीज में सिलसिलेवार ढंगे से सुनिए।

राम मंदिर निर्माण को लेकर किए गए सवाल पर चंपत राय ने कहा कि अदालत को जो फैसला देना है दे दे, मामला अदालत में विचाराधीन नहीं रहे, हम तो मंदिर बनवा ही लेंगे। आगे उन्होंने कहा कि हम अदालत के फैसले पर अपील भी नहीं करेंगे, लेकिन अदालत को जो फैसला करना है करे।

आगे बाबरी मस्जिद गिराने के सवाल पर चंपत राय ने कहा कि विवादित ढांचे को गिराने को लेकर मैं भी आरोपित हूं, इसमें अधिकतम सजा 10 साल है, जिसकी मैं परवाह भी नहीं करता हूं। सरकारों के काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर कोई बात नहीं करना चाहता तो भी 1992 हो गया, 1990 में गोली चल गई, ताला खुल गया, शिलान्यास कर लिया, सरकारें तो कांग्रेस की ही थी ना।

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उन्होंने आगे कहा कि मसला राम मंदिर के निर्माण का नहीं है जो इतिहास की गलतियां है उसे ठीक करना हमारा मकसद है। उन्होंने कहा कि आप ताकतवर बनकर खड़े होइए लोग आपके सामने आत्मसमर्पण कर देंगे। मोदी के काम करने के तरीके पर और अयोध्या नहीं जाने के सवाल पर बोलते हुए चंपत राय ने कहा कि हम 70 साल से 370 बोलते रहे एक ही झटके में मोदी ने उसे गायब कर दिया। ऐसे में यह मान लेना चाहिए कि जिनके मंत्र सार्वजनिक हो जाते हैं वह मंत्र कभी सिद्ध नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा कि ये राम मंदिर की लड़ाई नहीं है इतिहास की गलतियों को सुधारने का रास्ता खोल रहे हैं। उन्होंने आगे सवाल किया कि विदेशी राजा राज्य करता है करे टैक्स ले, लेकिन हमारा घर क्यों तोड़ा? हिंदूओं की आस्था को लेकर उन्होंने कहा कि हम आपकी आस्था का सम्मान करते हैं, हमारी भी आस्था है, आपकी तो ठीक-ठीक हमारी गलत कैसे?

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उन्होंने आगे कहा कि वहां (अयोध्या में) क्या बनेगा ये हमें तय करना है तुम कौन हो ये बताने वाले। उन्होंने कहा कि सारे फैसले विपक्ष में हो तो भी एक पराक्रमी का नाम बता दो जो वहां से छोटी सी ठाकुर की मूर्ति को हटा दे। उन्होंने आगे सवाल किया कि 1528 में जब बाबर भारत आया तब भारत में कितने मुसलमान थे? ऐसे में भारत के मुसलमानों को यह स्वीकार करना होगा कि उनके पूर्वज हिंदू थे।

जमीन विवाद के मामले पर सवाल करने पर सीधा जवाब देते हुए चंपत राय ने कहा कि अदालत जमीन विवाद पर ही फैसला कर दे, अगर बात जमीन के विवाद की है तो उन्होंने कहा अयोध्या में 36 मस्जिदें हैं, नगरपालिका सीमा में 50 से ज्यादा मस्जिदें हैं। हमारा मस्जिदों से कोई विरोध नहीं है हमें उस स्थान से प्यार है।

उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर पर फैसला हमारे पक्ष में भी आया तो भी मंदिर निर्माण में वक्त लगेगा। फैसला जिस दिन आ जाएगा उसके बाद भी मंदिर निर्माण शुरू होने में एक साल से ज्यादा वक्त लगेगा। उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि मंदिर के बगल में ही मस्जिद निर्माण के लिए जगह मांगी जा रही है तो उन्होंने कहा कि अगर मंदिर के बगल में ही मस्जिद के लिए जगह चाहिए तो क्या भारत में येरुशलम बनाना चाहते हो?