बेंगलुरु में ‘कन्नडा गौरव’ के रक्षक हुए एक्सपोज, इस वीडियो में खुद अपनी पोल खोलते दिखे…

आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कन्नडा गौरव’ के रक्षक कुछ स्थानीय लोग आकर भवन के बाहर लगे धार्मिक कार्यक्रम के बोर्ड के हिन्दी में होने का विरोध कर रहे हैं और कन्नड़ भाषा को लेकर जोर डाल रहे हैं।

Avatar Written by: August 19, 2019 1:05 pm

नई दिल्ली। हिंदी भाषा को लेकर दक्षिण भारतीयों का व्यवहार पहले से ही सबको पता है। हिंदी भाषा को लेकर दक्षिण भारतीय लोगों के मन में असुरक्षा का भाव कोई नई बात नहीं है। हिंदी को जब राष्ट्र भाषा का दर्जा देने की बात हुई थी। तभी से हिंदी भाषा को लेकर दक्षिण भारतीयों का विरोध लगातार जारी है। लेकिन जो हिंदी भाषा को मानने वाले हैं उनको लेकर कभी दक्षिण भारत या खासकर कर्नाटक में किसी तरह का सौतेला व्यवहार किसी के साथ नहीं किया गया। लेकिन हाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप खुद ही हैरान हो जाएंगे।

कर्नाटक में स्थानीय लोगों की दादागिरी का मामला सामने आया है। जैन धर्म के मानने वालों के धार्मिक भवन पर इन लोगों ने तोड़फोड़ की साथ ही घटिया भाषा का भी इस्तेमाल किया इसके साथ ही इन लोगों पर संत-गुरुओं के अपमान करने की भी बात कही जा रही है। जैन धर्म को मानने वाले लोगों ने इसको लेकर पुलिस के सामने मामला भी दर्ज कराया है।

कर्नाटक से ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बेंगलुरु में जैनों के धार्मिक भवन पर स्थानीय लोगों द्वारा जोर जबरदस्ती की गई साथ ही उनके धार्मिक स्थलों पर लगाए गए बैनरों को फाड़ दिया गया।

आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कन्नडा गौरव’ के रक्षक कुछ स्थानीय लोग आकर भवन के बाहर लगे धार्मिक कार्यक्रम के बोर्ड के हिन्दी में होने का विरोध कर रहे हैं और कन्नड़ भाषा को लेकर जोर डाल रहे हैं। यह जगह एक जैन धार्मिक भवन है ना कि कोई व्यापारिक संस्थान जिस पर स्थानीय भाषा का जोर हो। हिन्दी को लेकर इस तरह की प्रतिक्रिया किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। जबकि हिंदी को इस देश में अनौपचारिक रूप से राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त है।

इस पूरे घटनाक्रम में विरोधियों का कहना है कि कर्नाटक में होने के नाते सारे बोर्ड कन्नड़ में ही होने चाहिए और ना कि हिन्दी में। अहिंसा में विश्वास रखने वाले जैनों पर यह अत्याचार समाज को तोड़ने जैसा काम है जिससे समाज में अशांति फैलेगी। ऐसे में इस मामले को लेकर जैन धर्म को लोगों ने स्थानीय थाने में मामला भी दर्ज करा दिया है और तुरंत इस पर कार्रवाई की भी मांग की है।

इसी संगठन ‘कर्नाटक रक्षण वेदिक’ के लोग पिछले साल इसी तरह कन्नडा गौरव के नाम पर सनी लियोनी का विरोध कर रहे थे। फिर इस मामले पर स्टिंग आने पर यह खुद ही एक्सपोज हो गए थे। कर्नाटक रक्षण वेदिक संगठन और एक अन्य हिंदू संगठन सनी लियोनी की फिल्म वीरमदेवी का विरोध कर रहे थे। इस फिल्म में सनी ‘वीरमदेवी’ के किरदार में थी। ऐसे में इस संगठन के लोगों का मानना था कि सनी का वीरमदेवी का किरदार निभाने से उनके ऐतिहासिक महत्व को क्षति पहुंचेगी। जिसके बाद से इस संगठन के लोगों ने सनी का विरोध करना शुरू कर दिया था।लेकिन इस सब के बीच जब एक रिपोर्टर एक प्रोग्राम ऑर्गेनाइजर के तौर पर इस संगठन के लोगों से मिले तो संगठन के लोगों के सुर हीं बदले हुए थे। कन्नड गौरव के नाम पर सनी लियोनी को लेकर मचाया गया बवाल यहां केवल पैसा वसूलने का जरिया दिखा। रिपोर्टर को संगठन के लोगों ने कहा कि आपको सनी के कार्यक्रम का आयोजन करना है तो आप कीजिए हम भी इसमें आपकी सहायता करेंगे। इसके एवज में आपको हमें पैसे देने होंगे और साथ हीं आपको हम इस कार्यक्रम के लिए जगह भी मुहैया कराएंगे। आपको सनी के कार्यक्रम को करने में कोई परेशानी न हो इसके लिए हमारे लोग भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे ताकि आपको अपने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में कोई दिक्कत नहीं आए। ऐसे में स्पष्ट हो गया कि इस संगठन के विरोध का उद्देश्य कन्नड गौरव के नाम पर केवल और केवल वसूली करना है।

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