मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में ‘आंख फोड़वा कांड’, 4 मरीजों की गई आंखों की रौशनी

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चार लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में कहा है, “छिंदवाड़ा में मोतियाबिंद के ऑपरेशन बाद मरीजों की रोशनी जाने का मामला सामने आने पर इसकी जांच के आदेश दिए गए है।

Written by: October 3, 2019 12:23 pm

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जनपद छिंदवाड़ा में ऑपरेशन के बाद चार मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मरीजों को 20-20 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, छिंदवाड़ा के जिला चिकित्सालय में 25 सितंबर को चार मरीजों की आंखों के ऑपरेशन हुए थे। मरीज दो दिन बाद अपने घर चले गए, मगर मगंलवार को उन्हें दिखाई देना बंद हो गया। मरीजों ने अस्पताल आकर अपनी समस्या बताई, मगर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।

छिन्दवाड़ा के उभेगांव निवासी बुजुर्ग कलावती जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने इस उम्मीद के साथ आई थी कि उन्हें आंखों से दिखाई देने लगेगा लेकिन ऑपरेशन के बाद उन्हें अंधेरा ही मिला। कलावती के नाती द्वारा सीएम के हेल्प लाइन में शिकायत करने के बाद पूरा मामला सामने आया है इसके बाद जिला अस्पताल में सभी मरीजों अस्प्ताल बुलाया गया जहां से भोपाल भेजने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि उनकी आंखों में रोशनी लाने के तमाम प्रयास किये जायेंगे।

बता दें कि 750 बिस्तर के जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में मात्र 10 बिस्तर ही है, फिलहाल जहां नेत्र विभाग है वहां की बिल्डिंग पूरी जर्जर हो चुकी है बताया जा रहा है कि यहां आने वाले मरीजों में से बमुश्किल 4 से 5 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाता है पिछले माह की 18 सितंबर को ग्रामीण अंचलों से आये 4 लोगो का जिला अस्पताल में 25 सितंबर को ऑपरेशन किया गया लेकिन 27 तारीख को जब उनके आंखों के सामने की पट्टी हटी तो केवल अंधेरा ही नजर आया, इस पर पीड़ितों को डॉक्टर ने कहा कि ड्राप देकर रवानगी देकर विश्वास दिलाया कि तीन चार दिनों में आपके आंखों में दिखाई देने लगेगा।

वहीं नेत्र विभाग के प्रभारी डॉ. सी. एम. गेदाम ने संवाददाताओं को बताया, “इन सभी मरीजों की जांच की गई है। रेटीना में सफेदी की वजह से आंखों में दिखाई नहीं दे रहा है। सफेदी छंटने के बाद सभी को सामान्य दिखाई देने लगेगा। मरीज को सीनियर डॉक्टर से जांच के लिए रेफर किया गया है।”


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चार लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में कहा है, “छिंदवाड़ा में मोतियाबिंद के ऑपरेशन बाद मरीजों की रोशनी जाने का मामला सामने आने पर इसकी जांच के आदेश दिए गए है। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इन मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और इनकी रोशनी वापस लाने के सभी प्रयास किए जाएंगे।”

राजधानी से लगभग 320 किलोमीटर दूर स्थित मुख्यमंत्री के गृह जनपद में चार मरीजों की आंखों की रोशनी जाने की घटना को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं अगर ऐसी हैं तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं किस तरह चरमराई हुई होंगी, इस बात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि “डेढ़ माह पूर्व इंदौर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद भी प्रशासन सजग और सचेत नहीं हुआ। इंदौर की घटना से सबक न लेने के कारण ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हुई है। एक बार फिर गरीब मरीज डॉक्टरों की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। प्रभावितों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।”