चंद्रयान-2 की परिक्रमा-पथ को पांचवीं बार बढ़ाया गया

भारत के भारी लिफ्ट रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क तीन (जीएसएलवी एमके3) की मदद से 22 जुलाई को चंद्रयान-2 को 170 गुना45, 475 की कक्षा में स्थापित किया गया था। 

Avatar Written by: August 7, 2019 1:22 pm

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार को दोपहर 3. 04 बजे चंद्रयान-2 की परिक्रमा-पथ (ऑर्बिट) को पांचवीं बार सफलतापूर्वक बढ़ाया। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को 276 गुना142, 975 किलोमीटर बढ़ाया गया, इसके लिए स्पेसक्राफ्ट के ऑनबोर्ड मोर्ट्स को 1,041 सेकेंड के लिए चालू किया गया।

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स्पेसक्राफ्ट के सभी पैरामीटर ठीक प्रकार से काम कर रहे हैं। अब इसका अगला पड़ाव ट्रांस लूनर इन्सर्शन (टीएलआई) है, जिसके लिए इसका कार्यक्रम 14 अगस्त, 2019 की सुबह 3 से 4 का वक्त तय किया गया है।

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भारत के भारी लिफ्ट रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क तीन (जीएसएलवी एमके3) की मदद से 22 जुलाई को चंद्रयान-2 को 170 गुना45, 475 की कक्षा में स्थापित किया गया था।

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स्पेसक्राफ्ट में तीन सेगमेंट है- ऑर्बिटर (वजन 2,379 किलोग्राम, आठ पे लॉड्स), लैंडर विक्रम (1,471 किलोग्राम, चार पे लॉड्स) और एक रॉवर प्रज्ञान (27 किलोग्राम, दो पे लॉड्स)।