राम जन्मभूमि से राफेल तक, कामकाज के शेष 8 दिनों में चीफ जस्टिस सुना सकते हैं ये बड़े फैसले

चीफ जस्टिस की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों तक राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई की। उसके बाद फैसला रिजर्व कर लिया। सुप्रीम कोर्ट इस समय दीपावली की छुट्टी पर है। 4 नवंबर को यह फिर से खुलेगा।

Avatar Written by: October 29, 2019 7:25 pm

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों तक राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई की। उसके बाद फैसला रिजर्व कर लिया। सुप्रीम कोर्ट इस समय दीपावली की छुट्टी पर है। 4 नवंबर को यह फिर से खुलेगा।

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इसके बाद 11 और 12 नवंबर को फिर से छुट्टियां पड़ जाएंगी। चीफ जस्टिस 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इस तरह से कुल 8 कामकाज के दिन उन्हें मिलेंगे। अयोध्या मामले में 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में फैसला रिजर्व कर लिया था।

सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला मामले में दायर रिव्यु पिटीशन  पर भी अपना फैसला सुना सकता है। यह फैसला भी रिजर्व है  इसके अतिरिक्त  राहुल गांधी के ऊपर  प्रधानमंत्री को चौकीदार चोर है कहने के मामले में  कंटेंप्ट याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। चीफ जस्टिस की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की पीठ इस पर भी फैसला सुना सकती है।

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उसी तरह राफेल मामले में भी सुप्रीम कोर्ट प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुना सकता है। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के 14 दिसंबर के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसमें राफेल मामले को क्लीन चिट दी गई थी।

इसके साथ ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में  सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ भी फैसला सुरक्षित रखा है जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के ऑफिस को सूचना के अधिकार के दायरे में लाने की बात कही गई थी।

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