अलविदा 2019: मंदी से जूझती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार उठा चुकी है ये कदम

साल 2019 में जब नरेंद्र मोदी सरकार प्रचंड बहुमत से आई तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के रूप में थी।

Written by: December 30, 2019 3:06 pm

साल 2019 में जब नरेंद्र मोदी सरकार प्रचंड बहुमत से आई तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के रूप में थी। सरकार को इस मामले में कई कठोर निर्णय लेने पड़े। सरकार को मंदी को लेकर विपक्षी पार्टियों की तरफ से चौतरफा घेरने की भी कोशिश की जा रही है। 2019 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है।

सरकार बनते ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार जारी गिरावट की खबरों की बीच ऑटो सेक्टर में जब यूनिटों में काम बंद होने की खबरें आने शुरू हुईं तो मीडिया ने भी इस पर ध्यान देना शुरू किया और सरकार भी इसको लेकर सजग हो गई। वहीं दूसरी ओर जीएसटी और नोटबंदी की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर में भी बेतहाशा गिरावट दर्ज की गई।pm modi nirmala sitaramanऑटो और मैन्युफैक्चरिंग के बाद ये सेक्टर भी सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाला है और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार पहले से ही जूझ रही थी। इस बीच सरकार ने मंदी की ओर जाती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कई अहम फैसले लिए। आइए सरकार के द्वारा लिए गए कुछ ऐतिहासिक फैसलों पर करते हैं बात।

सरकार ने कारपोरेट टैक्स में कटौती का किया ऐलान

चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वार को देखते हुए भारत के पास विदेशी निवेश को बढ़ाने का अच्छा मौका है। इसको देखते हुए सरकार की ओर से कारपोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान किया गया है। कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है।

रियल एस्टेट सेक्टर को उबारने की कोशिश

फंड की कमी से अटके मिडिल क्लॉस किफ़ायती हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए सहायता का ऐलान किया गया। इसके लिए सरकार ने 10000 करोड़ देने की घोषणा की। लेकिन इसका लाभ वही बिल्डर्स उठा पाएंगे जिनका NPA नहीं है और न ही जिनके केस दिवालिया अदालत में चल रहे हैं।

ऑटो सेक्टर को भी दी गई राहतM Tech Auto31 मार्च 2020 तक खरीदी गईं बीएस फोर गाड़ियां अब मान्य की गईं. रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी भी जून 2020 तक टाल दी गई। नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक भी हटा ली गई।

टैक्स के नाम पर परेशान नहीं किए जाने का किया गया फैसलाincome tax 1

लॉन्ग, शॉर्ट टर्म कैपिटेल गेन सरचार्ज वापस लिया गया। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनस और ईज ऑफ लिविंग पर फोकस कर रही है। केंद्रीय सिस्टम से नोटिस भेजे जाने शुरू किए गए। टैक्स के नाम पर किसी को परेशान नहीं करने का ऐलान किया गया।

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एंजल टैक्स वापस
स्टार्टअप्स और उनके निवेशकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए उनके लिए एंजल कर के प्रावधान को भी वापस लेने का फैसला किया गया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य के तहत स्टार्टअप्स की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रकोष्ठ बनाने का ऐलान किया गया।

केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौतीrbi

केंद्रीय बैंक 2019 में अब तक पांच बार नीतिगत दर में कटौती कर चुका है। सुस्त पड़ती वृद्धि को रफ्तार देने और वित्तीय प्रणाली में धन उपलब्धता की स्थिति को बढ़ाने के लिए नीतिगत दर में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत की कमी की गई। इस समय रेपो दर 5.15 प्रतिशत है। हालांकि दिसंबर के पहले हफ्ते में हुई मौद्रिक नीति की समीक्षा में दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

सस्ते कर्ज देने का किया गया उपायcash rbi

सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरुआती दौर में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालने का ऐलान किया ताकि बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम हो सकें उन्होंने कहा कि रेपो रेट से ब्याज दरें भी जुड़ेंगी। रेपो रेट कम होने पर होम और कार लोन सस्ते होंगे।