महाराष्ट्र में नई सरकार को लेकर कवायद तेज, आधी रात विधायकों से मिले आदित्य ठाकरे

राज्यपाल द्वारा बीजेपी को सरकार गठन का ऑफर दिए जाने के बाद शिवसेना एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी ने अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट कर दिया है, जिनके साथ आदित्य ठाकरे ने रातभर बैठक की है।

Written by: November 10, 2019 9:18 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता भेजा है। महाराष्ट्र चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है, इसी के नाते राज्यपाल ने न्योता भेजा है। इसी बीच शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने अपने विधायकों संग आधी रात को बैठक की।

devendra fadanvis

राज्यपाल द्वारा बीजेपी को सरकार गठन का ऑफर दिए जाने के बाद शिवसेना एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी ने अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट कर दिया है, जिनके साथ आदित्य ठाकरे ने रातभर बैठक की है।

aditya thackrey

खरीद-फरोख्त के डर से शिवसेना के सभी विधायकों को रंग शारदा रिसॉर्ट से मुंबई के मलाड में स्थित द रिट्रीट होटल में शिफ्ट किया गया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे देर रात विधायकों से मिलने होटाल पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक आदित्य ठाकरे ने शिवसेना विधायकों के साथ तड़के करीब 5 बजे तक बैठक की है।

aditya thackrey

बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता दिया है। इसके बाद से महाराष्ट्र में विधायकों की खरीद-फरोख्त का भय बढ़ गया है। शिवसेना ने अपने विधायकों को एक होटल से दूसरे होटल में शिफ्ट किया है।

हॉर्स ट्रेडिंग का डर

जानकारी के मुताबिक, आदित्य पूरी रात होटल में ही रुके रहे और विधायकों के साथ मीटिंग की। बता दें कि इसके पहले कांग्रेस ने भी बीजेपी पर अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बीजेपी द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग के डर से शिवसेना ने अपने सभी विधायकों को शारदा रिसॉर्ट से मलाड के रिट्रीट होटल में शिफ्ट कर दिया है।

BJP Shivsena Leaders

महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजे आए थे, लेकिन अब तक यहां सरकार गठन नहीं हो पाया है। विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो गया है और देवेंद्र फडणवीस भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिए महाराष्ट्र की जनता ने पर्याप्त सीटें दी हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में सहमति नहीं बन पा रही है। यही वजह है कि दोनों का गठबंधन भी टूट की कगार पर पहुंच गया है।