बिलकीस बानो को 50 लाख मुआवजा दे गुजरात सरकार- सुप्रीम कोर्ट, जानें पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को गैंगरेप पीड़िता बिलकीस बानो को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। साथ ही गुजरात सरकार को ये भी आदेश दिया कि वह नियमों के मुताबिक बिलकीस बानो को सरकारी नौकरी और रहने के लिए आवास मुहैया कराए।

Written by: April 23, 2019 3:25 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को गैंगरेप पीड़िता बिलकीस बानो को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। साथ ही गुजरात सरकार को ये भी आदेश दिया कि वह नियमों के मुताबिक बिलकीस बानो को सरकारी नौकरी और रहने के लिए आवास मुहैया कराए।

27 फरवरी को हुए गोधरा कांड के बाद पूरे गुजरात में सांप्रदायिक दंगे हुए, जिसके कुछ दिन बाद 3 मार्च, 2002 को अहमदाबाद से 250 किमी दूर रंधीकपुर गांव में बिलकीस बानो के परिवार पर भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में बिलकीस के 3 साल की बेटी सहित उसके परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी।

उस वक्त 19 साल की बिलकीस बानो पांच माह की गर्भवती थीं, जिनके साथ गैंगरेप किया गया। बिलकीस बानो ने इसके अगले दिन यानी 4 मार्च 2002 को पंचमहल के लिमखेड़ा पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करायी।

22 मार्च 2002 को कम्युनलिज्म कॉम्बैट की तत्कालीन उपसंपादक तीस्ता सीतलवाड़ ने गोधरा रिलीफ कैंप में बिलकीस बानो का इंटरव्यू लिया। इस मामले की शुरुआती जांच अहमदाबाद में शुरू हुई। सीबीआई ने 19 अप्रैल 2004 को अपनी चार्जशीट दाखिल की।

सुप्रीम कोर्ट ने बिलकीस बानो की मांग पर 6 अगस्त, 2004 में मामले को मुंबई ट्रांसफर कर दिया। यूडी साल्वी की विशेष अदालत ने 21 जनवरी 2008 को दिए अपने फैसले में बिलकीस के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या करने के मामले में 11 लोगों को दोषी ठहराया था।

इन 11 दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी, लेकिन 4 मई को सुनाए गए अपने फैसले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकी सजा बरकरार रखी।