भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की : आजाद

आजाद ने कहा, “मेरी शिकायत प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) से इस बारे में है कि भाजपा प्रत्याशी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी टिप्पणी की। उस पर आपने क्या कार्रवाई की।”

Avatar Written by: June 24, 2019 8:41 pm

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए संसद के उच्च सदन सवाल उठाया कि उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे को ‘देशभक्त’ बताने वाली अपनी सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। आजाद ने भीड़ द्वारा लोगों को मार दिए जाने केमुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में यह कुकृत्य आदर्श बन गया है।


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए आजाद ने कहा, “राष्ट्रपति ने अपने संयुक्त संबोधन में बहुत सी बातें कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएंगे और यह देश के नागरिकों के लिए गर्व की बात है।”

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आजाद ने कहा कि उन्हें इस बात से दुख पहुंचा, जब भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी ने महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त बताया। वह अब लोकसभा में हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, “मुझे दुख महसूस होता है। एक तरफ हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने कि बात करते हैं, दूसरी तरफ सरकार के ही कुछ सांसद उनके हत्यारे को देशभक्त बताते हैं। ये सब क्या है? यह हमारी समझ से परे है।” आजाद ने यह बात भाजपा की भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर के संदर्भ में कही।

pragya thakur
प्रज्ञा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान शहीद हेमंत करकरे के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के बाद महात्मा के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताया था। आजाद ने कहा, “मेरी शिकायत प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) से इस बारे में है कि भाजपा प्रत्याशी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी टिप्पणी की। उस पर आपने क्या कार्रवाई की।”


उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसी केंद्रीय योजनाओं के कुल धन का 50 प्रतिशत से अधिक खर्च प्रचार पर करने और असल में योजनाओं को लागू कराने पर मात्र 20 प्रतिशत खर्च किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पहली बार है कि योजनाओं के बजाय प्रचार पर अधिक धन खर्च किया गया है।