इधर यूपी में शांतिपूर्वक पढ़ी गई ईद की नमाज, उधर राजस्थान में हुआ जमकर बवाल

Rajasthan :इस तरह से कमोबेश हर जनपद में लोगों ने शांतिपूर्वक तरह से नमाज अता किया गया है। लेकिन कहीं से भी कोई हिंसा की या आपसी भिंडत की कोई खबर सामने नहीं आई है। जिसने प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मजबूत कानून-व्यवस्था के सुबूत पेश किए हैं।

सचिन कुमार Written by: May 3, 2022 9:51 pm

नई दिल्ली। इसे नेतृत्व शैली में फर्क नहीं तो और क्या कहेंगे कि जहां एक तरफ राजस्थान में गहलोत सरकार के नेतृत्व में ईद के मौके पर जहां हिंसा की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी, तो वहीं उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ईद के मौके पर कहीं भी हिंसात्मक स्थिति नहीं दिखी। भारी पुलिस बलों की मौजूदगी में शांतिपूर्वक ईद की नमाज पढ़ी गई। संभवत: प्रदेश सराकर ने स्थिति का पूर्वानुमान लगाते हुए विभिन्न जिलों में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती के निर्देश दे दिए थे। राज्य के विभिन्न जिलों में लोगों ने शांतिपूर्वक तरीके से नमाज अता की है। भदौही में भी शांतिपूर्वक तरह से नमाज अता किया गया है। फुरुखाबाद में विशेष समुदाय के लोगों की तरफ से नमाज अता किया गया। गोरखपुर में भी भारी पुलिस बलों की मौजूदगी में लोगों ने नमाज अता किया।

इस तरह से कमोबेश हर जनपद में लोगों ने शांतिपूर्वक तरह से नमाज अता किया गयहै। लेकिन कहीं से भी कोई हिंसा की या आपसी भिंडत की कोई खबर सामने नहीं आई है। जिसने प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मजबूत कानून-व्यवस्था के सुबूत पेश किए हैं। बता दें कि यहां पर प्रदेश के सुदृढ़ कानून व्यवस्था का जिक्र करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज राजस्थान के एक नहीं, बल्कि दो जिलों से नमाज के दौरान हिंसा की खबरें प्रकाश में आई है, जिसे लेकर गहलोत सरकार के नेतृत्व में लचर कानून-व्यवस्था की बानगी पेश कर दी है। बता दें कि इससे पहले भी रामनवमी के मौके पर दो समुदायों के बीच हिंसा की खबरें सामने आई थी।

जिसे लेकर प्रदेश सरकार को सवालिया कठघरे में खड़ा किया गया था। इस पूरे मसले को लेकर जमकर राजनीति भी होती हुई दिखी थी। लेकिन आज राजस्थान और नगौर में हुई हिंसा ने एक बात साफ कर दिया है कि राजस्थान की गहलोत सरकार अपनी गलतियों से सीखने को कोशिश नहीं, बल्कि उसे दोबारा दोहराने में विश्वास करती है। बहरहाल, नागौर और जोधपुर में  ईद के मौके पर हुई हिंसा को संज्ञान में लेने के उपरांत गहलोत सरकार ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं और आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।