भारत ने पाकिस्तान से करतारपुर गलियारे के प्रचार वीडियो से भारत विरोधी तत्व हटाने को कहा

सीमा पार करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन से दो दिन पहले भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए गलियारे के आधिकारिक प्रचार वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन सिख अलगाववादी नेताओं की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की है

Written by: November 6, 2019 9:25 pm

नई दिल्ली। सीमा पार करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन से दो दिन पहले भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए गलियारे के आधिकारिक प्रचार वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन सिख अलगाववादी नेताओं की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की है और मुद्दे को पाकिस्तान के समक्ष उठाया है। वीडियो में सिख फॉर जस्टिस समूह के पोस्टर हैं जिनमें खालिस्तान की मांग करने वाले नेता भिंडरावाले और उसके सैन्य सलाहकार शबेग सिंह की तस्वीरें हैं जो 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए थे। सिख फॉर जस्टिस एक प्रतिबंधित संगठन है, जो सिख रेफरेंडम 2020 के लिए जोर दे रहा है।Kartarpur

यह वीडियो नौ नवंबर को करतारपुर गलियारे के उद्घाटन से पहले सोमवार को जारी किया गया था। यह गलियारा पंजाब में डेरा बाबा नानक मंदिर को पाकिस्तान के करतारपुर गुरुद्वारे से जोड़ेगा, जहां गुरु नानक देव ने अपने अंतिम दिन बिताए थे।


भारत सरकार के सूत्रों ने बुधवार को कहा, “भारत ने पाकिस्तान से वीडियो में शामिल आपत्तिजनक तत्वों व दृश्यों को हटाने के लिए कहा है।”

भारत इसलिए चिंतित है कि कहीं सिख अलगाववादी अपने 2020 के अलगाववादी एजेंडे के लिए गलियारे का दुरुपयोग तो नहीं करने लगेंगे।Navjot Singh Sidhu and Imran Khan

इसलिए भारत करतारपुर गलियारे के उद्घाटन और इसके कुछ दिनों के बाद तक के घटनाक्रम पर पैनी निगाह रखेगा।

सूत्रों ने बताया कि भारत ने समय-समय पर देश विरोधी सिख अलगाववादियों की गतिविधियों के लिए पाकिस्तान से अपनी चिंता जाहिर की है।kartarpur Corridor

वीडियो में खालिस्तानी अलगाववादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले, मेजर जनरल शबेग सिंह और अमरीक सिंह खालसा की तस्वीरों के साथ-साथ नवजोत सिंह सिद्धू भी दिख रहे हैं।

क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू को इस वीडियो में प्रमुखता से दिखाया गया है, जिसमें वह किसी समारोह में बैठे नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के एक दूसरे फ्रेम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण देने के हिस्से को भी दिखाया गया है, जिसमें वह भीड़ को कॉरिडोर के महत्व के बारे में बताते नजर आ रहे हैं।navjot singh Sidhu and Imran Khan

इससे पहले, सिद्धू को पाकिस्तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के उद्धाटन समारोह में हिस्सा लेने का आमंत्रण मिला था। इसके बाद सिद्धू उस वक्त विवादों में आ गए थे, जब इमरान खान संग उनके होर्डिग्स भी चंडीगढ़ में तैयार किए गए थे, जिसमें इन दोनों को सड़क परियोजना (करतारपुर कॉरिडोर) के साकार होने के लिए जिम्मेदार बताया गया था।

करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तानी वीडियो गीत में खालिस्तानी अलगाववादी नेताओं की तस्वीरों के इस्तेमाल पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि यह साफ तौर पर उनकी इस बात को सही साबित कर रहा है कि इस ऐतिहासिक कॉरिडोर के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का छिपा एजेंडा है। गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर विधानसभा के विशेष सत्र से इतर मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि वह कॉरिडोर को खोलने की उनके प्रधानमंत्री (इमरान खान) द्वारा घोषणा करने के दिन से ही पाकिस्तान के फैसले में आईएसआई की भूमिका को लेकर चेतावनी दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही कॉरिडोर ने ऐतिहासिक मंदिर के दर्शन को लेकर पूरे सिख समुदाय के लंबे समय के सपने को साकार किया है, लेकिन भारत आईएसआई के खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने अत्यधिक सावधानी बरतने पर जोर दिया।