करतारपुर कॉरिडोर को लेकर कल भारत-पाकिस्तान की अहम मींटिग, इन विषयों पर होगा बातचीत

बैठक में तकनीकी विषयों पर बातचीत होगी। भारतीय सीमा से 4 किलोमीटर दूर करतारपुर गुरुद्वारे तक बनने वाले गलियारे के मार्ग के तकनीकी विवरण एवं मानचित्र, सुरक्षा प्रबंध एवं यात्रा के इंतजामों पर दोनों देशों के बीच सहमति कायम करने का प्रयास किया जाएगा।

Written by: March 13, 2019 6:55 pm

नई दिल्ली। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती के अवसर पर करतारपुर साहिब गलियारे को खोलने को लेकर भारत एवं पाकिस्तान के प्रतिनिधि मंडलों के बीच 14 मार्च यानि वाघा-अटारी सीमा पर बैठक होगी। भारत ने इस बैठक में शिरकत करने से पहले बुधवार को कॉरिडोर को निर्मित करने वाली टीम को डेरा बाबा नानक भेजा, जहां पर उसने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी ली।
कल होने वाली बैठक में तकनीकी विषयों पर बातचीत होगी।

भारतीय सीमा से 4 किलोमीटर दूर करतारपुर गुरुद्वारे तक बनने वाले गलियारे के मार्ग के तकनीकी विवरण एवं मानचित्र, सुरक्षा प्रबंध एवं यात्रा के इंतजामों पर दोनों देशों के बीच सहमति कायम करने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में भारत ने एक द्विपक्षीय करार का मसौदा तैयार किया है और उसे पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ सांझा किया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर सूत्रों के मुताबिक भारत ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक टर्मिनल की डिजाइन एवं परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। इसके लिए निविदा जल्द ही जारी की जाएगी। भारत ने ग्राउंड जीरो पर 50 एकड़ भूमि चिह्नित की है। पहले चरण में 15 एकड़ भूमि पर यात्री सुविधा टर्मिनल बनाया जाएगा और उसमें सामान्यत: प्रतिदिन पांच हजार यात्रियों तथा विशेष अवसरों पर करीब 15 हजार यात्रियों के जाने लायक ढांचागत सुविधाएं होंगी। करीब दो हजार यात्रियों के प्रतीक्षा के लिए स्थान होगा जबकि 54 इमिग्रेशन सैंटर होंगे। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होगी। पहले चरण का काम इस साल सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

वहीं दूसरे चरण में अस्पताल, रेस्टोरेंट आदि बनाया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि यह बैठक जनता के बीच संपर्क बढ़ाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ हो रही है। जहां तक सुरक्षा की बात है तो हमारे लिए सुरक्षा सर्वोपरि है और उससे कतई समझौता नहीं किया जाएगा। यात्री टर्मिनल पर सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर एक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा जिससे कोई भी घुसपैठ या तस्करी संभव नहीं होगी।
सिखों के प्रथम गुरु बाबा गुरु नानक देव अपनी यात्रा के बाद यहां बस गए थे। उन्होंने 1539 में मृत्यु से पूर्व के 18 वर्ष यह व्यतीत किए।

गुरुद्वारा दरबार साहिब पाकिस्तान के नारोवाल में स्थित है और धार्मिक लिहाज से सिखों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस गलियारे के लिए पाकिस्तान अपने क्षेत्र से भारत की सीमा तक निर्माण करेगा जबकि दूसरी तरफ भारत गुरुदासपुर जिले से डेरा बाबा नानक तक गलियारा बनायेगा।


आपको बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल नवंबर में इसकी आधारशिला रखी थी। भारत की तरफ से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आधारशिला समारोह में शिरकत की थी।