भारतीयों के लिए बड़ी खुशखबरी, US ने ग्रीन कार्ड को लेकर किया बड़ा बदलाव

बता दें कि अमेरिका में हर साल सभी देशों को सात फीसदी ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा होती थी, जो अब खत्म हो गई है। ग्रीन कार्ड लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और काम करने की अनुमति देता है।

Written by: July 11, 2019 4:49 pm

नई दिल्ली। अमेरिका ने ग्रीन कार्ड को लेकर बड़ा बदलाव किया है, जिससे हजारों भारतीयों को बड़ा फायदा मिलेगा। बता दें कि अमेरिकी सांसदों ने मौजूदा सात प्रतिशत की सीमा को हटाने के उद्देश्य से बुधवार को एक विधेयक पारित किया। ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है।

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह विधेयक भारत जैसे देशों के उन प्रतिभाशाली पेशेवरों के लिए राहत देने वाली खबर है जो अमेरिका में स्थायी रूप से काम करने और रहने की अनुमति चाहते हैं।

फेयरनेस ऑफ हाई स्किल्ड इमिग्रेंट्स एक्ट, 2019 या एचआर 1044 नाम का यह विधेयक 435 सदस्यीय सदन में 65 के मुकाबले 365 मतों से पारित हो गया।

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार एक साल में अमेरिका द्वारा परिवार आधारित प्रवासी वीजा दिए जाने की संख्या को सीमित कर दिया गया। अभी तक की व्यवस्था के मुताबिक, किसी देश को ऐसे वीजा केवल सात फीसदी तक दिए जा सकते हैं। नए विधेयक में इस सीमा को सात प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।

इसी तरह इसमें हर देश को रोजगार आधारित प्रवासी वीजा केवल सात प्रतिशत दिए जाने की सीमा को भी खत्म कर दिया गया है। इस विधेयक को कानून की शक्ल लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरुरत है लेकिन इससे पहले इसे सीनेट की मंजूरी की आवश्यकता होगी जहां रिपब्लिकन सांसदों की अच्छी-खासी संख्या है।


क्या है ग्रीन कार्ड ?
बता दें कि अमेरिका में हर साल सभी देशों को सात फीसदी ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा होती थी, जो अब खत्म हो गई है। ग्रीन कार्ड लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और काम करने की अनुमति देता है। इस बिल के पास हो जाने से अमेरिका में नौकरी के आधार पर मिलने वाली स्थायी नागरिकता दिए जाने संबंधी लिमिट समाप्त हो गई है।

भारतीयों को होगा फायदा
ग्रीन कार्ड पर प्रत्येक देश के हिसाब से लगी सीमा से मुख्यत: फायदा भारत जैसे देशों से एच-1 बी वर्क वीजा पर काम कर रहे हाई-टेक पेशेवरों को होगा जिनके लिए ग्रीन कार्ड का इंतजार एक दशक से भी ज्यादा वक्त का है।