सपा के इस कदम से मिले संकेत, शिवपाल-अखिलेश में जारी रहेगी जंग!

समाजवादी पार्टी ने अब जिस तरह से शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता खारिज करने के लिए याचिका लगाई है, उससे पता चलता है कि वर्ष 2016 से पार्टी में वर्चस्व के लिए शुरू हुई चाचा-भतीजे की लड़ाई थमने के दूर-दूर तक आसार नहीं हैं।

Written by: September 13, 2019 4:32 pm

लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ अपनी खुद की पार्टी बनाने वाले मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच चल रही जंग अब दूसरे स्तर पर पहुंचने वाली है। चुनाव में मिली करारी हार के बाद ऐसा लग रहा था कि, मुलायम सिंह यादव अब दोनों नेताओं को फिर से एक साथ ले आएंगे और पार्टी फिर से एक हो जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ भी होता नजर नहीं आ रहा है।

akhilesh shivpal

समाजवादी पार्टी ने अब जिस तरह से शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता खारिज करने के लिए याचिका लगाई है, उससे पता चलता है कि वर्ष 2016 से पार्टी में वर्चस्व के लिए शुरू हुई चाचा-भतीजे की लड़ाई थमने के दूर-दूर तक आसार नहीं हैं।

नितिन पर नरमी

एक तरफ समाजवादी पार्टी ने दलबदल के आधार पर शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा में याचिका लगाई है। दूसरी तरफ नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल के खिलाफ पार्टी की ओर से शांत रहने को लेकर चर्चा है। बागी होकर बीजेपी की बैठकों में हिस्सा लेने वाले नितिन के खिलाफ सदस्यता खारिज करने की मांग तो दूर की बात, अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी कदम नहीं उठाया गया है। नितिन के पिता नरेश अग्रवाल सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। नितिन अग्रवाल हरदोई से सपा से विधायक हैं।

nitin agarwal

विधानसभा सचिवालय ने जारी की नोटिस

शिवपाल यादव के खिलाफ समाजवादी पार्टी की तरफ से याचिका दायर होने के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा सचिवालय की ओर से पांच सितंबर को नोटिस जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य(दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता) नियमावली, 1987 के नियम सात के उप नियम तीन(क) के तहत विधानसभा के सभी सदस्यों की जानकारी के लिए निम्नलिखित सूचना प्रकाशित की जाती है।

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“भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत बनाई गई उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य(दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता) नियमावली 1987 के नियम सात के तहत राम गोविंद चौधरी, नेता समाजवादी पार्टी उत्त प्रदेश द्वारा शिवपाल सिंह यादव, सदस्य विधान सभा के विरुद्ध चार सितंबर 2019 को याचिका प्रस्तुत की गई है।”