14 साल के इरफान को राष्ट्रपति ने दिया शौर्य चक्र, जानें इनकी कहानी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बहादुरी सम्मान कई जवानों और शहीद जवानों की पत्नियों को मेडल देकर सम्मानित किया। इसमें जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एक 14 वर्षीय एक लड़के को भी सम्मानित किया। इरफान रमज़ान शेख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इरफान ने वर्ष 2017 में 14 साल की उम्र में उसके घर पर तीन आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले को नाकाम किया था।

Avatar Written by: March 19, 2019 5:34 pm

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बहादुरी सम्मान कई जवानों और शहीद जवानों की पत्नियों को मेडल देकर सम्मानित किया। इसमें जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एक 14 वर्षीय एक लड़के को भी सम्मानित किया। इरफान रमज़ान शेख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इरफान ने वर्ष 2017 में 14 साल की उम्र में उसके घर पर तीन आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले को नाकाम किया था।

16-17 अक्टूबर 2017 को आतंकवादियों ने राजनीतिक कार्यकर्ता रमजान शेख के घर को घेर लिया। तब उनके 14 साल के बड़े बेटे ने इरफान रमजान शेख ने दरवाजा खोला तो देखा कि उनके घर के बरामदे में एके राइफल और ग्रेनेड के साथ तीन आतंकवादी खड़े थे। इरफान ने अपने परिवार खतरे को भांपते हुए साहस दिखाया और उन्हें अपने घर में घुसने नहीं दिया।

इसी बीच इरफान के पिता रमजान शेख घर से बाहर निकले तो आतंकवादी उनपर टूट पड़े। इसके बाद इरफान ने अपने पिता और परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए आतंकियों का सामना किया। इस बीच आतंकवादियों के अंधाधुंध गोलीबारी में रमजान शेख बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद भी इरफान ने हिम्मत नहीं हारी और उस आतंकी से भिड़ गए जिसने पिता पर गोली चलाई थी।

इरफान ने उस आतंकी को बुरी तरह से घायल कर दिया। आतंकवादियों ने जब भागने लगे तो इरफान ने उनका पीछा किया। इरफान को पीछे देख बाकी दो आतंकी अपने साथी की लाश को छोड़कर भाग खड़े हुए।