चंद्रबाबू नायडू पर आई आफत, CM ने दिया उनके बंगले को तोड़ने का आदेश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के प्रजा वेदिका नाम के बंगले को ढहाने का आदेश दिया है। इस बिल्डिंग को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू होगा।

Written by: June 24, 2019 1:52 pm

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के प्रजा वेदिका नाम के बंगले को ढहाने का आदेश दिया है। इस बिल्डिंग को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू होगा। बता दें कि नायडू अभी भी प्रजा वेदिका में ही रह रहे हैं।

जगनमोहन रेड्डी के तोड़ने वाले आदेश देने से पहले चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर ‘प्रजा वेदिका’ को नेता प्रतिपक्ष का सरकारी आवास घोषित करने की मांग की थी। हालांकि अभी इस बंगले को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार ने शनिवार को अपने कब्जे में ले लिया।

तेलुगू देशम पार्टी ने इसे बदले की कार्रवाई करार दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति कोई सद्भावना नहीं दिखाई, क्योंकि उनके सामनों को अमरावती के उंदावल्ली घर के बाहर फेंक दिया गया।

चंद्रबाबू नायडू तब से कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे, जब से आंध्र प्रदेश ने अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था। हैदाबाद अब तेलंगाना की राजधानी बन गया है। प्रजा वेदिका का निर्माण सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) के जरिए तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास के रूप में किया था। पांच करोड़ रुपए में बने इस आवास का इस्तेमाल नायडू आधिकारिक कार्यों के साथ ही पार्टी की बैठकों के लिए करते थे।

जून की शुरूआत में चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी से निवेदव किया था कि उनके इस बंगले को उनकी पार्टी की बैठकों के उपयोग के लिए दिया जाय। इस निवेदन का राज्य सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा। सरकार ने प्रजा वेदिका को कब्जे में लेने का शुक्रवार निर्णय लिया और घोषणा की कि कलेक्टरों का सम्मेलन वहां होगा। पहले यह सम्मेलन राज्य सचिवालय में होना तय था। नायडू इस समय परिवार के सदस्यों के साथ विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं।

टीडीपी नेता और विधान परिषद के सदस्य अशोक बाबू ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने नायडू के निजी समानों को बाहर फेंक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर को कब्जे में लेने के सरकार के निर्णय के बारे में पार्टी को बताया तक नहीं गया। नगरपालिका मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने हालांकि तंज कसा और कहा कि नायडू के साथ उसी तरह का बर्ताव किया जाएगा, जिस तरह का बर्ताव जगन मोहन रेड्डी के साथ किया गया था, जब वह नेता प्रतिपक्ष थे।