राज्यसभा से जलियांवाला बाग बिल पास, सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को दी ये नसीहत

इस बिल को पेस करने के बाद भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि, जब हर जगह कार्यकाल पूरा होने से पहले सदस्य को हटाया जा सकता है तो फिर इस बिल से क्यों नहीं।

Written by: November 19, 2019 6:40 pm

नई दिल्ली। इसी साल के अगस्त के महीने में लोकसभा से जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल संशोधन बिल को पास किया गया था और अब इस बिल को राज्यसभा से भी पारित कर दिया गया है। मंगलवार को राज्यसभा में इस बिल पर बहस की गई जिसके बाद इसे बहुमत के साथ पास कर दिया गया। इस बिल में ये भी प्रावधान है कि, अब इसमें कांग्रेस अध्यक्ष इसका स्थायी सदस्य नहीं होगा।

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सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस को जवाब

इस बिल को पेस करने के बाद भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि, जब हर जगह कार्यकाल पूरा होने से पहले सदस्य को हटाया जा सकता है तो फिर इस बिल से क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि, इस संशोधन में दो अंग है। पहला कि सरकार किसी भी सदस्य को कार्यकाल पूरा होने से पहले हटा सकती है।

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उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का उस ट्रस्ट का सदस्य नहीं होने पर कहा कि, सभी राजनीतिक दल स्वतंत्र हैं अपने संविधान को बदलने के लिए। उन्होंने कहा कि, बहुत सारी पार्टियां हैं जिनके अध्यक्ष नहीं जनरल सेक्रेटरी होते हैं। अब अगर भविष्य में कोई पार्टी अपने संविधान में बदलाव करती है कि, अब से उसका भी जनरल सेक्रेटरी होगा, तो क्या पार्टी के संशोधन के अनुसार संवैधानिक व्यवस्था में संशोधन किया जाएगा?


इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, किसी भी पार्टी या दल में बिखराव आता है और कई मौके ऐसे होते हैं जब ये तय कर पाना मुश्किल होता है कि, आखिर उस उक्त पार्टी का अध्यक्ष किसे माना जाए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस में कई बार बिखराव हुआ है और कांग्रेस से हटकर कई सारी अलग पार्टियां बनी हैं। तो क्या हर बार सरकारी व्यवस्था में बदलाव की जाएगी?

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अन्य विपक्षी राजनीतिक पार्टियों को जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि, स्वतंत्रता आंदोलन में सभी ने बराबर का योगदान दिया है और देश को आजादी बिना खून बहाए नहीं मिली है। इसलिए सभी के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के नेता जरुर जेल में रहे और उनका योगदान भी अविस्मरणीय है। लेकिन जिन्होंने जेल के अंदर यातनाएं झेली उनका योगदान बहुमूल्य है।

सुधांशु त्रिवेदी ने किया कांग्रेस पर कटाक्ष

उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, कांग्रेस का सबसे बड़ा बिखराव साल 1969 में हुआ था जबकि वो महात्मा गांधी का जन्मशताब्दी वर्ष था। अगर भविष्य में कांग्रेस खत्म हो जाते ही तो फिर क्या फायदा है किसी भी राजनीतिक पार्टी को ट्रस्ट में शामिल करने का।

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दरअसल, कांग्रेस ने कहा था कि, कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी भागीदारी दी थी। इसलिए जलियांवाला बाग के साथ कांग्रेस का एक भावनात्मक जुड़ाव है। इसलिए कांग्रेस को इससे अलग नहीं करना चाहिए। लेकिन जिस प्रकार से सुधांशु त्रिवेदी ने सदन में कांग्रेस को जवाब दिया उससे पार्टी को साफ हो गया होगा।