इस एक ‘गलती’ के चलते रद्द हो सकते हैं जेएनयू के चुनाव!

रुझानों के मुताबिक लेफ्ट यूनिटी की जेएनयू में भारी जीत हुई। रुझान के मुताबिक लेफ्ट यूनिटी की आईशी घोष अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गई हैं। मगर यह हाईकोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है।

Written by: September 10, 2019 1:25 pm

नई दिल्ली। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के हाल ही में हुए चुनावों में इलेक्शन कमेटी की ओर से एक ऐसी गलती की गई है जिसका असर चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है। जेएनयू की चुनाव कमेटी ने स्टूडेंट यूनियन के इन चुनावों के रुझान घोषित कर दिए जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक इन नतीजों पर रोक लगा दी थी।

delhi high court

रुझानों के मुताबिक लेफ्ट यूनिटी की जेएनयू में भारी जीत हुई। रुझान के मुताबिक लेफ्ट यूनिटी की आईशी घोष अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गई हैं। मगर यह हाईकोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है। यही वजह है कि अब जेएनयू प्रशासन ने जेएनयू इलेक्शन कमेटी से स्पष्टीकरण मांगा है। जेएनयू के डीन और ग्रीवान्स रिड्रसल सेल के चेयरपर्सन उमेश कदम के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव का परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई थी। इसके बाद भी इलेक्शन कमेटी ने ट्रेंड घोषित कर दिए। इसीलिए उन्होंने कमेटी के मेंबर्स को बुलाया है और उनसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

JNU

दरअसल इस चुनाव के रुझान इतने साफ हैं कि इन्हें घोषित करने के बाद नतीजे घोषित करना सिर्फ औपचारिकता भर रह जाता है। उधर इलेक्शन कमेटी का कहना है कि उन्होंने छात्रों के हित में यह काम किया था। ध्यान देने वाली बात यह है कि जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के चुनाव के सिलसिले में दिल्ली हाईकोर्ट में दो याचिकाएं लंबित हैं।

फाइल फोटो

इनमें से पहली लिंगदोह कमेटी के नियमों के मुताबिक चुनाव कराने की है और दूसरी काउंसलर के पद पर एक स्टूडेंट का नॉमिनेशन रद्द करने के सिलसिले में है। इसी के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव के नतीजे पर रोक लगा दी थी। कोर्ट अब 17 सितंबर को इस मामले की सुनवाई करेगा।