महाराष्ट्र में मचे घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर प्रोफाइल से हटाया ‘कांग्रेसी’

महाराष्ट्र में जारी सियासी सकंट के बीच कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर बड़ी सामने आई है। मध्य प्रदेश में नए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कयासबाजी और चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी अब धीरे-धीरे बाहर आने लगी है।

Written by: November 25, 2019 11:55 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जारी सियासी सकंट के बीच कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर बड़ी सामने आई है। मध्य प्रदेश में नए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कयासबाजी और चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी अब धीरे-धीरे बाहर आने लगी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस के पदों का जिक्र हटा दिया है और अपनी प्रोफाइल में खुद को जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी बताया।

jyotiraditya scindhia

ऐसे में सिंधिया के कांग्रेस से किनारे के आसार बढ़ गए हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले कई दिनों से सिंधिया पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे हैं। सिंधिया के ट्वीटर स्टेटस में हुए बदलाव पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. हितेश वाजपेयी का कहना है, “कांग्रेस के भीतर चल रही उपेक्षा से सिंधिया नाराज हैं। यह नए अध्याय की शुरुआत है। आगे देखिए और भी परते उघड़ेंगी।”


कांग्रेस प्रवक्ता अजय यादव का कहना है, “हमारे नेता सिंधिया को लेकर जो भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। सिंधिया ने अपने पहले के स्टेटस में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद का जिक्र किया था, कहीं भी कांग्रेस पदाधिकारी का जिक्र नहीं था। अभी स्टेटस बदलकर जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी लिखा है। जो एक सहज चलने वाली प्रक्रिया है। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने स्टेटस में कॉमन मैन लिखा है। कहीं भी भाजपा नेता और पदाधिकारी का जिक्र नहीं है।”

हालांकि अब सोमवार को अचानक सिंधिया के ट्विटर प्रोफाइल में बदलाव को एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इससे पहले अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपना पद- कांग्रेस महासचिव, गुना लोकसभा सीट से सांसद (2002-2019 तक) और पूर्व केन्द्रीय मंत्री लिखा था। अब उन्होंने इसे हटाकर खुद को समाज सेवक और क्रिक्रेट प्रेमी लिखा है।

गौरतलब है कि सिंधिया ने हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी इस खबर के बाद धारा 370 मसले पर भी खुल कर वह केन्‍द्र सरकार के साथ नजर आये थे। इधर सोशल मीडिया पर चर्चा है कि सिंधिया के साथ कुछ विधायक भी पीएम से मिले थे। आपको बता दें कि सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की मांग शुरू से कर रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में हुई जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाने की मांग के साथ उनके समर्थकों ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन किया था।