अपनी तारीफ में राम रहीम जैसा दांव चला मगर खुद ही फंस गए कमलनाथ!

कमलनाथ के फेसबुक पेज पर उनकी टीम ने उनकी बहादुरी की चर्चा करते हुए सिख गुरु गुरू गोविंद सिंह की लिखी लाइनें डाल दीं।

Written by: July 27, 2019 3:39 pm

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपनी तारीफ के कसीदे पढ़वाने की चाह भारी पड़ गई। उनके खिलाफ दिल्ली में धार्मिक भावनाएं आहत करने की शिकायत की गई है। कमलनाथ के फेसबुक पेज पर उनकी टीम ने उनकी बहादुरी की चर्चा करते हुए सिख गुरु गुरू गोविंद सिंह की लिखी लाइनें डाल दीं।

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ये लाइनें गुरू गोविंद सिंह की बहादुरी और गुरू सत्ता की दिलेरी का जीवंत उदाहरण मानी जाती रही हैं। मगर इनका प्रयोग कमलनाथ को महिमामंडित करने के लिए किया गया। इसी तरह का काम कभी विवादास्पद बाबा राम रहीम ने भी किया था और गुरू की पोशाक पहनकर अपनी तस्वीरें बंटवा दीं थीं।

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कमलनाथ ने जब से बीजेपी के दो विधायकों को अपने पाले में खींचा है तभी से वे गदगद हैं। उनकी टीम दिन रात उनकी वाहवाही में लगी हुई है। वाहवाही की ये परंपरा उस समय समझ से परे हो गई जब कमलनाथ की टीम ने उनके अपने फेसबुक प्रोफाइल पर गुरू गोविंद सिंह की वाणी डाल दी, वह भी कमलनाथ की तुलना करते हुए।

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उनकी टीम ने कमलनाथ की फोटो लगाकर लिखा “सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़िया से मैं बाज तुड़ाऊं, तबै कमलनाथ नाम कहाऊं’ इसी के बाद हंगामा मच गया। दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने दिल्ली के नार्थ एवेन्यू थाने में कमलनाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।

साल 2007 में गुरू गोविंद सिंह के नाम के साथ अपनी तुलना करने का कुछ ऐसा ही कारनामा गुरमीत राम रहीम ने भी किया था। उनकी एक तस्वीर छपी थी, जिसमें वे सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाई दे रहे थे।

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इसके बाद हंगामा मच गया। सिखों और डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों में हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें सैकड़ों लोग जख़्मी हुए। बाद में डेरा प्रमुख को माफी मांगनी पड़ी। उनके माफ़ीनामे को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख़्त ने मंज़ूर किया तब जाकर बात खत्म हुई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी उसी रास्ते पर जाते नजर आ रहे हैं।