कठुआ गैंगरेप: क्यों रची गई हैवानियत की साजिश, मास्टरमाइंड की पूरी कहानी

कठुआ गैंगरेप में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। 18 महीने पुराने इस मामले में कोर्ट ने 6 दरिंदों को दोषी माना। जिसमें 3 को उम्रकैद की सजा सुनाई और 3 को पांच साल की। उम्रकैद पाने वालों में इस खौफनाक साजिश का मास्टर माइंड संजी राम भी शामिल है।

Written by संतोष सिंह पाल June 10, 2019 9:17 pm

नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। 18 महीने पुराने इस मामले में कोर्ट ने 6 दरिंदों को दोषी माना। जिसमें 3 को उम्रकैद की सजा सुनाई और 3 को पांच साल की। उम्रकैद पाने वालों में इस खौफनाक साजिश का मास्टर माइंड संजी राम भी शामिल है।

कौन है संजी राम
तो बता दें कि कठुआ रासना गांव का रहने वाला संजी राम ही वो हैवान दरिंदा है, जिसने दिल दहला देने वाली इस वारदात की पूरी कहानी लिखी थी। जो कि राजस्व अधिकारी के पद से रिटायर होकर वहां रहने लगा था। संजी राम गांव के मंदिर का मुख्य सेवादार भी था। इसी ने मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाने की योजना बनाई और अपनी योजना को अमली जामा भी पहनाया।

जिसके कारण ही 8 साल की मासूम कई हैवानों की हवस का शिकार बनी। उन दरिंदों ने उसे भूखा प्यासा रखा। नशे की गोलियां दीं. उसे भांग खिलाई और सब मिलकर उसके मासूम जिस्म को नोंचते रहे, उसे कुचलते रहे वो भी भगवान के घर में।

मंदिर के सेवादार संजी राम की खौफनाक साजिश
रासना गांव के आसपास अल्पसंख्यक बकरवाल समुदाय के कुछ परिवार आकर बस गए थे। गांव के मंदिर का सेवादार संजी राम इस समुदाय के लोगों से बेवजह चिड़ता था, वो उन लोगों को वहां से हटाना चाहता था। पशु पालन पर निर्भर बकरवाल समुदाय के लोग प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं, इसलिए वे जंगल के पास रहते हैं। आखिरकार संजी राम के शैतानी दिमाग इस खौफनाक साज़िश का खाका बनने लगा।

अपहरण के बाद गैंग रेप
कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक मंदिर के एक कमरे में लाकर उस नाबालिग दरिंदे ने बच्ची को जबरन भांग खिला दी, फिर उसने बच्ची के साथ रेप किया। हवस मिटाने के बाद उसने संजी राम के बेटे भी वहां बुलाया और फिर दोनों ने मिलकर बच्ची के साथ गैंग रेप किया। इसके बाद उसने अपने चाचा संजी राम को इस बात की ख़बर दी।

हत्या से पहले पुलिसवालों ने किया था रेप
चार्जशीट के मुताबिक जांच अधिकारी दीपक खजूरिया लड़की का पता लगाते हुए गांव के मंदिर जा पहुंचा। उसने लड़के को बचाने की एवज में डेढ़ लाख रुपये भी वसूल किए। जब संजीराम ने कहा कि बच्ची की हत्या करनी होगी। इस पर जांच अधिकारी खजूरिया कहता है कि थोड़ी देर रुक जाओ, मैं भी कुछ कर लूं। इसके बाद वो पुलिस अधिकारी भी उस बच्ची से रेप करता है।

चार्जशीट के तहत संजी राम, उसका बेटा विशाल, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा, हेड कांस्टेबल तिलक राज और स्थानीय निवासी प्रवेश कुमार के खिलाफ रेप, मर्डर और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया गया था।