केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली के अस्पतालों से VIP कल्चर खत्म

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है और उन्होंने बताया कि, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया है।

Written by: September 11, 2019 3:46 pm

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है और उन्होंने बताया कि, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया है। केजरीवाल के इस कदम के बाद अब दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कमरें नहीं मिलेंगे और सभी का इलाज समान रूप से होगा।

arvind kejriwal

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अस्पतालों में 13,899 बेड बढ़ाने का फैसला किया है। यह दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के मौजूदा बेड की संख्या से 120 प्रतिशत ज्यादा है। अभी दिल्ली में 11,353 बेड हैं. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों को पूर्ण रूप से एसी बनाने की घोषणा की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों को एसी करने के लिए काम किया जा रहा है।

Arvind Kejriwal and Ashish Khetan

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली सरकार के 38 अस्पतालों में बेड्स की मौजूदा क्षमता 11,353 है. इसके अलावा 13,899 बेड्स की क्षमता को और जोड़ा जा रहा है।

satyendra jain

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अगले छह महीने के अंदर 2800 बेड्स की क्षमता वाले तीन अस्पताल और चालू हो जाएंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं वाला द्वारका का इंदिरा गांधी हॉस्पिटल, जिसकी क्षमता 1241 बेड्स की है, पश्चिमी दिल्ली का सबसे बड़ा अस्पताल होगा।

delhi

रिपोर्ट में 772 और 600 बेड्स की क्षमता वाले दो अस्पताल, बुराड़ी और अंबेडकर नगर में जल्द बनकर तैयार होने की बात भी है। रिपोर्ट में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में नए अस्पतालों के निर्माण का जिक्र है। मंत्री सत्येंद्र जैन की रिपोर्ट के मुताबिक खिचड़ीपुर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में एक नया मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक बनेगा, जिसमें 460 बेड्स होंगे। इसको कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।