जानिए पीएम मोदी की टीम के तीन सबसे ताकतवर अधिकारियों के बीच कैसे हुआ कामकाज का बंटवारा?

पीएम दफ्तर ने पीएमओ के इन दो सबसे ताकतवर अधिकारियों के बीच कामकाज की स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके साथ ही नेशनल सेक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल के काम के एरिया को भी स्पष्ट कर दिया गया है।

Avatar Written by: September 16, 2019 5:37 pm

नई दिल्ली। पीएम मोदी की टीम के तीन सबसे ताकतवर अधिकारियों में काम का बंटवारा कर दिया गया है। ये बंटवारा उस फैसले के बाद किया गया है जिसके तहत पीके मिश्रा को पीएम मोदी का प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है और पीके सिंहा को प्रिंसिपल एडवाइजर। पीएम दफ्तर ने पीएमओ के इन दो सबसे ताकतवर अधिकारियों के बीच कामकाज की स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके साथ ही नेशनल सेक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल के काम के एरिया को भी स्पष्ट कर दिया गया है।

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पीएमओ के आदेश के मुताबिक प्रिंसिपल सेक्रेटरी मिश्रा नीतिगत मामलों को देखेंगे। वे इसके साथ ही मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, लॉ, अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट व अन्य अप्वाइंटमेंट्स को देखेंगे। उन्हें कैबिनेट सेक्रेटेरिएट से जुडे मामलों की भी जिम्मेदारी दी गई है। यूनियन कैबिनेट की मीटिंग के लिए विषयों की लिस्टिंग, एंटी करप्शन यूनिट, पीएमओ एस्टैबलिशमेंट और सभी जरूरी नीतिगत मामलों की भी वे ही देख रेख करेंगे।

पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी और पीएम के प्रिंसिपल एडवाइजर नियुक्त पीके सिंहा को सभी मंत्रालयों/विभागों व एजेंसी के नीतिगत मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी और एनएसए को आवंटित विभाग शामिल नही होंगे।

एनएसए अजित डोभाल को नेशनल सिक्योरिटी एवं नीतिगत मामलों ( अपाइमेेंटस के सिवा) की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों, रक्षा, अंतरिक्ष, अटामिक एनर्जी और रॉ से जुड़े नीतिगत मामले भी देखेंगे। इसके साथ ही वे नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटैरिएट और नेशनल अथॉरिटी फॉर केमिकल वीपन्स के भी प्रभारी होंगे। उन्हें एनएससीएन नागालैंड के अलगाववादियों के साथ बातचीत की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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