अयोध्या की ‘इस’ सीमा के बाहर ही मिलेगी मस्जिद के लिए जमीन! तलाश शुरू

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मुसलमानों की खातिर पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।यह जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार अयोध्या की 14 कोसी सीमा के बाहर ही इस जमीन की तलाश कर रही है।

Written by: November 13, 2019 5:08 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मुसलमानों की खातिर पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।यह जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार अयोध्या की 14 कोसी सीमा के बाहर ही इस जमीन की तलाश कर रही है। अयोध्या की 14 कोसी सीमा को नगर की सांस्कृतिक सीमा माना जाता है।

Ayodhya

इस बीच कुछ मुस्लिम नेता और संगठन मस्जिद के लिए सरकार द्वारा अधिगृहित 67 एकड़ जमीन में ही 5 एकड़ जमीन की मांग कर रहे हैं। बाबरी मस्जिद मामले के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी जमीन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इकबाल अंसारी ने कहा है कि उन्हें अयोध्या में राम मंदिर के पास ही मस्जिद के लिए जगह दी जानी चाहिए । उन्होंने एक बार फिर जोर देकर कहा कि सरकार जल्द बताए कि मस्जिद के लिए जमीन कहां दे रही है?

Ayodhya

इस कड़ी में नए नए नाम जुड़ते जा रहे हैं। अयोध्या के  परमहंस वार्ड के पार्षद हाजी असद ने भी सरकार अधिगृहित 67 एकड़ जमीन में से ही मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने की मांग की है। जिस रामजन्मभूमि पर विवाद रहा है, वह अयोध्या के परमहंस वार्ड में ही स्थित है। इस बीच कुछ विरोधी स्वर भी सामने आए हैं। अयोध्या के ही जिला पार्षद बबलू खान का कहना है कि वह अयोध्या की 14 किमी. की सांस्कृतिक सीमा से बाहर ज़मीन चाहते हैं। उनका कहना है कि सरकार जहां चाहे वहां पर ज़मीन दे दे।

Ayodhya- supreme court

मगर सरकार की सोच एकदम अलग है। अयोध्या की 14 किलोमीटर की सांस्कृतिक सीमा के बाहर से लेकर शहर के भीतर तक जमीन देखी जा रही है। वैसे भी अयोध्या शहर के भीतर 5 एकड़ जमीन मिलना मुश्किल लग रहा है। इस बीच राममंदिर निर्माण के लिए बनाए जा रहे ट्रस्ट को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है कि नए ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हों और गृह मंत्री अमित शाह भी रहें ताकि जिस तरह सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार हुआ, वैसे ही राम मंदिर के साथ हो।