भगवान राम हमारी रगों में हैं, हमारे संस्कारों में हैं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, राज्‍य में दीदी के एजेंटों ने जीना मुहाल कर दिया है। दीदी ने जय श्रीराम का अभिवादन करने भर से ही लोगों को जेल में डालना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल में राम नाम लेना भी अपराध हो गया है क्या? अरे दीदी, राम जी के आगे अच्छे-अच्छों का अहंकार चूर-चूर हो गया, आपका अहंकार कहां तक ठहर पाएगा।

Avatar Written by: May 6, 2019 4:32 pm

नई दिल्ली। एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भगवान श्रीराम का नाम सुनते ही आग बबूला हो गई। तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्‍चिम बंगाल के झारग्राम में रैली को संबोधित करते हुए भगवान राम के बहाने उन पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, ममता दीदी के राज में भगवान राम का नाम लेना भी गुनाह हो गया है। उन्‍हें पता नहीं है कि भगवान राम हमारी प्रेरणा हैं, हमारी रगों में हैं श्रीराम।

Narendra Modi

उन्होंने कहा, राज्‍य में दीदी के एजेंटों ने जीना मुहाल कर दिया है। दीदी ने जय श्रीराम का अभिवादन करने भर से ही लोगों को जेल में डालना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल में राम नाम लेना भी अपराध हो गया है क्या? अरे दीदी, राम जी के आगे अच्छे-अच्छों का अहंकार चूर-चूर हो गया, आपका अहंकार कहां तक ठहर पाएगा।

Narendra Modi

प्रधानमंत्री मोदी बोले- एक सभा में दीदी ने कहा कि भाजपा ने भगवान राम को पोलिंग एजेंट बनाया है। मैं आज दीदी को साफ-साफ कहना चाहता हूं। भगवान राम हमारी रगो में है, हमारे संस्कारों में हैं। उन्‍होंने कहा, हमने मानव तस्‍करी के खिलाफ कड़े कानून बनाए, जिसमें बड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इस कानून को राज्‍य में लागू ही नहीं किया है।

पीएम मोदी ने कहा, ममता दीदी, आप गरीबों से क्‍यों इतना घृणा करती हैं। क्‍यों उन्‍हें आयुष्‍मान भारत योजना के तहत फ्री इलाज की योजना से दूर रख रही हैं।

Narendra Modi

वहीं ट्वीटर पर पीएम मोदी के इस बयान को लोगों ने समर्थन करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की जमकर क्लास लगाई। इतना ही नहीं यूजर्स ने ममता बनर्जी को खरी खोटी सुनाते हुए अपनी राय रखी।

रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी को भी आड़े हाथ लिया। पीएम मोदी ने येचुरी के बयान की ओर इशारा करते हुए कहा कि कम्युनिस्टों ने रामायण और महाभारत का अपमान करने का चलन बना लिया है। सीताराम यचुरी अपने नाम में आने वाले शब्द ‘सीता-राम’ का ही सम्मान नहीं करते हैं। उन्होंने अपने बयान के जरिए रामायण और महाभारत का अपमान किया है।

बता दें कि सीताराम येचुरी ने रामायण और महाभारत को हिंसा से भरे ग्रंथ बताया था। उन्होंने कहा था कि हिंदू समाज कभी भी अहिंसक नहीं था।