महाराष्ट्र: कांग्रेस-एनसीपी ने किया साफ- सरकार बनाने पर अभी कोई फैसला नहीं, शिवसेना को झटका

मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। इसमें महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा हुई। इस मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शिवसेना ने 11 नंवबर को हमसे आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था।

Written by: November 12, 2019 7:53 pm

नी दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति पल-पल में बदल रही है और जहां राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। तो वहीं कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी ने साथा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर सवाल खड़े किए।

Congress-NCP

मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। इसमें महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा हुई। इस मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शिवसेना ने 11 नंवबर को हमसे आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाकर लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई।

maharashtra cong-ncp

उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रपति शासन की आलोचना करती है। अहमद पटेल ने कहा कि केंद्र ने कभी नियमों का पालन नहीं किया और कई राज्यों में मनमानी की। अहमद पटेल ने कहा कि राज्यपाल द्वारा महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को न्योता न देना गलत है।

ahmad patel

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि वे सरकार गठन के लिए पहले कांग्रेस के नेताओं से बात कर लें तब शिवसेना से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आपस में बात करने के बाद इस पर आगे फैसला लिया जाएगा, शरद पवार ने कहा कि वे राज्य में दोबारा चुनाव नहीं चाहते हैं। एनसीपी चीफ ने कहा कि राज्यपाल ने उनकी पार्टी को सरकार बनाने का पर्याप्त समय दिया है, अब सरकार गठन पर खुद आगे बात बढ़ाएंगे।

शिवसेना के साथ सरकार गठन की कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए शरद पवार ने कहा कि हमारा और कांग्रेस का एक कॉमन घोषणा पत्र था, इसलिए हमें अपने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के बारे में चिंता नहीं है। लेकिन अगर हमें थर्ड पार्टी के साथ सरकार बनानी है तो हमें बैठना पड़ेगा और चर्चा करनी पड़ेगी।

Sharad Pawar NCP Chief

शरद पवार से जब शिवसेना के साथ वैचारिक मतभेद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक हमलोग साथ आने का फैसला नहीं लेते हैं, इस प्रश्न का सवाल ही नहीं उठता है। एक बार जब हम साथ बैठने का फैसला करते हैं, हमलोग इस बारे में जवाब देंगे।