गांधी के खिलाफ ट्वीट करने वाली IAS अफसर का ट्रांसफर

महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने वाली महाराष्ट्र की आईएएस अधिकारी निधि चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य सरकार ने निधि चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका तबादला कर दिया है। निधि को बीएमसी के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर पद से हटाकर पेयजल और स्‍वच्‍छता विभाग का उप सचिव बनाया गया है।

Written by Newsroom Staff June 3, 2019 9:44 pm

नई दिल्ली। महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने वाली महाराष्ट्र की आईएएस अधिकारी निधि चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य सरकार ने निधि चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका तबादला कर दिया है। निधि को बीएमसी के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर पद से हटाकर पेयजल और स्‍वच्‍छता विभाग का उप सचिव बनाया गया है।

इसमें निधि चौधरी ने लिखा था, ‘हम गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं, इससे बढ़िया अवसर क्या हो सकता है कि हम अपने नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर और दुनिया भर से उनकी मूर्तियां हटा दें। उनके नाम की संस्थाओं और सड़कों के नाम बदल दिए जाएं, ये हम सभी की तरफ से उन्हें असली श्रद्धांजलि होगी। 30 जनवरी 1948 के लिए थैंक्यू गोडसे.’ इस ट्वीट के लिए सोशल मीडिया पर निधि चौधरी की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

बता दें कि निधि चौधरी 2012 बैच की आईएएस हैं। बीएमसी की डिप्टी कमिश्नर बनने से पहले वो सहायक कलेक्टर भी रह चुकी हैं। वहीं, एनसीपी ने निधि चौधरी को नौकरी से सस्पेंड करने की मांग की है।

Mahatma Gandhi

एनसीपी नेता जितेंद्र अनहद ने कहा, ‘महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए हम निधि चौधरी को फौरन निलंबित करने की मांग करते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमामंडित किया है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।’

उधर, जब इस ट्वीट को लेकर विवाद बढ़ने लगा, तो निधि चौधरी ने इसको तुरंत डिलीट कर दिया. इसके बाद उन्होंने इस मसले पर अपनी सफाई दी. निधि चौधरी ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने 17 मई के अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया, क्योंकि कुछ लोग इसे गलत समझ गए. अगर वो साल 2011 से मेरे टाइमलाइन को फॉलो किए हुए होते, तो वे समझते कि मैं गांधी जी का अनादर करने की सोच भी नहीं सकती हूं, मैं उनके सामने पूरी श्रद्धा से सिर नवाती हूं और अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी.’