महाराष्ट्र: राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

राज्य के राज्यपाल ङागत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति को राज्य की सियासी घटनाक्रम से अवगत कराया और पत्र लिखकर राज्य में धारा 356 लगाने की सिफारिश की है।

Written by: November 12, 2019 3:35 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में पल-पल में राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव आ रहा है और अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। राज्य के राज्यपाल ङागत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति को राज्य की सियासी घटनाक्रम से अवगत कराया और पत्र लिखकर राज्य में धारा 356 लगाने की सिफारिश की है।


इसके साथ ही, महाराष्ट्र का सियासी संघर्ष अब सियासी संकट की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रपति को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर दी है। इसी बीच शिवसेना भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

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जानकारी के मुताबिक, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है और शिवसेना ने कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल से इस बारे में बात की है।

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शिवसेना का कहना है कि, भाजपा को सरकार बनाने के लिए 48 घंटों का समय मिला, लेकिन हमें सिर्फ 24 घंटे। इसे लेकर बुधवार को जस्टिस बोबोडे के सामने इस मामले पर सुनवाई होगी।

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इससे पहले कांग्रेस ने कहा था कि, सरकार बनाने में देरी उनकी तरफ से नहीं, बल्कि एनसीपी चीफ शरद पवार की ओर से हो रही है। इसके पीछे कांग्रेस की थ्योरी है कि शरद पवार चाहते हैं कि दोनों पार्टियों शिवसेना और एनसीपी को ढाई-ढाई साल सीएम पद मिले। यानी सीएम का पद रोटेशनल हो। वहीं, शिवसेना अभी भी आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।