शिवसेना ने मिलकर मांगा सरकार गठन के लिए 2 दिन का समय, राज्यपाल ने की मांग खारिज

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर से शिवसेना को चकमा दिया है। शिवसेना को राज्यपाल की तरफ से 24 घंटे का वक्त दिया गया था। लेकिन आज शाम तक शिवसेना की तरफ से समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को नहीं सौंपी जा सकी।

Written by: November 11, 2019 8:35 pm

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर से शिवसेना को चकमा दिया है। शिवसेना को राज्यपाल की तरफ से 24 घंटे का वक्त दिया गया था। लेकिन आज शाम तक शिवसेना की तरफ से समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को नहीं सौंपी जा सकी। हालांकि शिवसेना के नेता महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने जरूर पहुंचे थे।Shiv Sena Leader Meet Governer of Maharashtra

लेकिन इस सब के बीच एक खबर यह भी आई की ना तो कांग्रेस और ना ही राकांपा ने शिवसेना को समर्थन देने की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी। ऐसे में सरकार के गठन की तेज कवायद को एक बार राज्य में फिर विराम लग गया है।Sonia Gandhi Sharad Pawar Uddhav

कांग्रेस और एनसीपी एक बार फिर से शिवसेना को पक्ष में पत्ते खोलने में देरी कर रही है। दूसरी तरफ शिवसेना ने सरकार गठन के लिए राज्यपाल से जो 3 दिन का समय मांगा उसे देने में राजभवन की तरफ से असमर्थता जाहिर की गई है।


राज्यपाल से मुलाकात के बाद शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि शिवसेना सरकार बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल से 2 दिन का वक्त मांगा था लेकिन वो देने से इनकार कर दिया है। ठाकरे ने कहा कि बाकी पार्टियों से शिवसेना की बातचीत चल रही है, लेकिन उनका पत्र हासिल करने में वक्त लग रहा है, ऐसे में हमें समय दिया जाए, हालांकि राज्यपाल ने शिवसेना को समय देने से मना कर दिया है।

शिवसेना की अभी नहीं खारिज हुई है दावेदारीShiv Sena Leader Meet Governer of Maharashtra

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमारा दावा अभी खारिज नहीं हुआ है और हम भी सरकार बनाना चाहते हैं। ठाकरे ने कहा कि अन्य दलों से हमारी बातचीत जारी है और उनका समर्थन पत्र हासिल करने में वक्त लग रहा है। अब गेंद राज्यपाल के पाले में हैं, वह आज रात को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं। वैसे राज्यपाल ने शिवसेना के दावे को खारिज भी नहीं किया है और शिवसेना जब समर्थन पत्र लेकर दावे पेश करने जाती है तो राज्यपाल उसे मौका दे सकते हैं।

इससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार को समर्थन से भी शिवसेना ने किया इंकार

Shiv Sena MP Arvind Sawant

इस सब के बीच शिवसेना के कोटे से नरेंद्र मोदी कैबिनेट में एक मात्र मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में सावंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष और शिवसेना प्रमुख के बीच 50-50 फॉर्मूला तय हुआ था, जिसमें सीएम पद भी शामिल था। लेकिन भाजपा ने इस बात को नकारा जिससे ठाकरे परिवार को ठेस पहुंची। इससे हालात खराब हुए और हमारा गठबंधन नहीं रहा। सावंत ने कहा कि ऐसे माहौल में मैं कैबिनेट में रहूं, यह उचित नहीं है। इसलिए मैंने अपना त्यागपत्र पीएम को सौंप दिया है। एनडीए से शिवसेना के बाहर होने पर सावंत ने कहा कि मेरे त्यागपत्र का मतलब समझ सकते हैं।

Congress Leader Letter

इससे पहले महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने पर कांग्रेस ने अभी अपना रुख साफ नहीं किया है। सोनिया गांधी के साथ वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है और सोनिया गांधी फिर से एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बातचीत कर आगे कोई फैसला लेंगी।