महाराष्ट्र सकंट: फडणवीस सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनाएगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल बीएस कोश्यारी द्वारा महाराष्ट्र में भाजपा-अजित पवार को सरकार बनाने के लिए दिए गए आमंत्रण मामले पर अपना आदेश मंगलवार सुबह 10.30 बजे के लिए सोमवार को सुरक्षित कर लिया। इस तरह भाजपा-अजित पवार को कम से कम एक दिन की राहत मिल गई है।

Written by: November 25, 2019 10:19 am

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल बीएस कोश्यारी द्वारा महाराष्ट्र में भाजपा-अजित पवार को सरकार बनाने के लिए दिए गए आमंत्रण मामले पर अपना आदेश मंगलवार सुबह 10.30 बजे के लिए सोमवार को सुरक्षित कर लिया। इस तरह भाजपा-अजित पवार को कम से कम एक दिन की राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पर फैसला मंगलवार सुबह 10.30 बजे सुनाया जाएगा। कोर्ट में सरकार की ओर से सॉलिसिटर तुषार मेहता पेश हुए।

supreme court

महाधिवक्ता तुषार मेहता ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार के पास 170 विधायकों का समर्थन है, जिससे वे सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह अचानक बदले घटनाक्रम के तहत भाजपा नेता फडणवीस द्वारा बनाई गई सरकार के खिलाफ शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की राकांपा द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से मेहता पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से कहा कि वह ‘भाजपा को राकांपा विधायकों द्वारा दिया गया समर्थन का पत्र लेकर आए हैं, जिसके आधार पर राज्यपाल ने फैसला लिया।’

मेहता ने कहा, “पत्र में साफ नजर आ रहा है कि अजित पवार ने एनसीपी के 54 विधायकों के समर्थन वाला पत्र हस्ताक्षर के साथ राज्यपाल को सौंपा था।”
उन्होंने आगे कहा, “अजित पवार द्वारा 22 नवंबर को दिए गए पत्र के बाद ही देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था, इसके साथ ही पत्र में 11 स्वतंत्र और अन्य विधायकों का समर्थन पत्र भी संलग्न था। 288 सदस्यीय सदन में भाजपा के 105 विधायक हैं, जबकि राकांपा ने 54 सीटें जीती थीं।”

Devendra Fadnavis oath

भाजपा ने दावा किया कि अन्य 11 स्वतंत्र विधायकों के समर्थन के बाद उनके पास 170 विधायकों की संख्या है। इसके साथ ही मेहता ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी के फैसले की न्यायिक समीक्षा पर भी आपत्ति जताई। मेहता ने आगे कहा, “इसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति को सूचना दी। जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने राष्ट्रपति से राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन हटाने का अनुरोध किया था।”

CM Devendra Fadnavis

वहीं कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनके पास 150 विधायकों के समर्थन वाला हलफनामा है। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि भाजपा की शिवसेना के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन टूट गया है, क्योंकि भाजपा, शिवसेना को किए अपने वादे से मुकर गई। वहीं कांग्रेस और राकांपा की ओर से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह ‘लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी’ है।

सिंघवी ने कहा, “राज्यपाल विधायकों के हस्ताक्षर पर बिना कवरिंग लेटर के भरोसा कैसे कर सकते हैं?”

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले महाराष्ट्र बीजेपी की ओर से कोर्ट में पेश हुए मुकुल रोहतगी ने कहा है कि आज गवर्नर का रिकॉर्ड रखा जाएगा। मैंने देखा है कि फडणवीस के पत्र के साथ ही अजीत पवार द्वारा विधायक दल के प्रमुख के रूप में एक पत्र था, जिसमें सभी एनसीपी विधायकों के हस्ताक्षर थे। यानि उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण सही फैसला था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। शिवसेना का कहना है कि उनके पास विधायकों का समर्थन पत्र है।

शिवसेना नेता अनिल देसाई सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के खिलाफ एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना द्वारा संयुक्त रूप से दायर याचिका पर आज सुनवाई हुई।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार से बातचीत करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इससे पहले सुबह पांच बजे वह अपने विधायकों से मिलने के लिए हयात होटल पहुंचे थे।